दिल्ली के रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी की जिस इमारत में भीषण आग लगी थी उसके मालिक रिहान और उसके मैनेजर फुकरान को आज (सोमवार) पुलिस ने तीस हजारी कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में पुलिस ने इन दोनों की 14 दिन की रिमांड मांगी जिसे दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अनाज मंडी अग्रिकांड की जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक रिहान व मैनेजर फुरकान को 14 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। सभी 43 मृतक की पहचान हो गई है। 20 मृतकों के शवों का सोमवार को पोस्टमार्टम हो गया। बाकी 13 शवों का पोस्टमार्टम मंगलवार को करवाया जाएगा।
मामले की जांच के अपराध शाखा की कई टीमें बनाई गई है। हर टीमें को अलग-अलग काम सौंपा गया है। दिल्ली पुलिस स्थानीय निकायों को पत्र लिखने जा रही है। शुरूआती जांच में आग का कारण बिजली के तारो में शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि अनाजर्मंडी अग्रिकांड की जांच स्थानीय सदर बाजार थाना पुलिस से लेकर अपराध शाखा को सौंपी गई है। अपराध शाखा में तैनात एसीपी संदीप लांबा की देखरेख में जांच शुरू कर दी गई है। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सदर बाजार थाना पुलिस ने बिल्डिंग के मैनेजर रेहान व मैनेजर फुरकान को सोमवार को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया।
पुलिस ने दोनों को 14 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। अपराध शाखा की टीमों ने सोमवार को करीब तीन बार घटनास्थल का दौरा किया। रोहिणी स्थित एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाकर जांच करवई गई। एसएफएल ने मौके से नमूने उठाए हैं। इसके अलावा अपराध शाखा ने मौके की 3 डी लेजर स्कैनिंग मशीन से स्कैनिंग कराई। पुलिस ने मौके से मृतकों के मोबाइल व कुछ सामान बरामद किया है।
अपराध शाखा के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती घायलों के बयान लेने शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा ऐसे लोग जो मौके पर थे और जो घायल नहीं हुए थे उनके बयान लिए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस उत्तरी नगर निगम समेत सभी स्थानीय निकायों के लिए पत्र लिखने जा रही कि इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है। किस निकाय ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए।
गौरतलब है अनाज मंडी अग्रिकांड को लेकर सदर बाजार थाने में गैर इरादतन हत्या और गैर इरादतन हत्या का प्रयास का मामला दर्ज किया है। सोमवार देर शाम को केस की फाइल दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई थी। अनाज मंडी अग्रिकांड में 43 लोगों की मौत हो गई थी और 21 लोग घायल हो गए थे।कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
बता दें कि जिस बिल्डिंग में रविवार को आग लगने के कारण कई जाने चली गईं वह 24 घंटे बाद भी धधकती रही। सोमवार सुबह दोबारा बिल्डिंग पर पानी का स्प्रे कराया गया। पानी का छिड़काव करने के लिए सोमवार सुबह चार फायर टेंडर को बुलाया गया।
हालांकि पानी का छिड़काव होते देख एक बार फिर लोगों में दहशत फैल गई। लोगों को लगा कि उसी बिल्डिंग में दोबारा आग लगी गई है, लेकिन बाद में पता चला कि बिल्डिंग के गर्म होने के कारण दोबारा पानी का छिड़काव करवाया जा रहा था।
बता दें कि रविवार तड़के इस बिल्डिंग में आग लगी थी जिसमें 43 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इमारत में काम करने वाले ज्यादातर मजदूर रात में यहीं सो जाते थे। एक-एक कमरे में 10-15 लोग रहा करते थे। दिनभर काम करने के बाद वह थककर जहां जगह मिलती वहीं पर सो जाते थे। रोजी-रोटी कमाने के लिए राजधानी दिल्ली आए ये लोग संकरी गली में मौजूद मकान में बेहद खराब स्थिति में अपने दिन गुजार रहे थे।