राजधानी में बस व सार्वजनिक वाहन चालकों की निगरानी जल्द ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीक से होगी। इसमें चालकों के व्यवहार का पता लगेगा। आए दिन बस चालकों के दुर्व्यवहार की शिकायतें मिलती रहती है।
ऐसे में अब एआई से मॉनिटरिंग की जाएगी। इसमें यात्रियों के भी दुर्व्यवहार का भी पता चलेगा। इतना ही नहीं एआई के जरिये यात्रियों के अनुभव के आधार पर सुविधा के लिए बसों में बदलाव भी किए जाएंगे, ताकि बस सेवा को और सुविधाजनक बनाया जा सके। इस योजना पर परिवहन विभाग तेजी से काम कर रहा है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में बसें दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टीमाॅडल ट्रांजिट सिस्टम (डीआईएमटीएस) के अधीन चलती हैं। इनमें बड़ी संख्या में चालकों और परिचालकों के दुर्व्यवहार करने की शिकायतें आती हैं जिससे परिवहन विभाग की छवि खराब होती है। वन दिल्ली एप या हेल्पलाइन नंबर पर जो भी शिकायतें आती हैं, उनमें दुर्व्यवहार वाले मामलों में सीसीटीवी कैमरों से भी मदद नहीं मिल पाती है। ऐसे में एआई की मदद ली जाएगी। इससे बस डिपो की भी निगरानी होगी।
दो वर्षों में सार्वजनिक परिवहन सुविधा में होगा बड़ा बदलाव
दिल्ली में आने वाले दो वर्षों में सार्वजनिक परिवहन सुविधा में बड़ा बदलाव होगा। सड़कों पर डीटीसी की बसों का बेड़ा बढ़ने के साथ ही मोहल्ला बस सेवा, प्रीमियम बस सेवा, कैब एग्रीगेटर योजना समेत कई सुविधाओं का लोगों को लाभ मिलने लगेगा। इनका प्रबंधन करने के लिए परिवहन विभाग एआई का इस्तेमाल करेगा। इसे लेकर विभाग तैयारियों में जुटा हुआ है। सड़कों पर एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वर्तमान में राजधानी की सड़कों पर 7582 बसें चल रही हैं। अगले दो साल में इन बसों की संख्या दस हजार हो जाएगी। मौजूदा बसों को चलाने के लिए करीब 15 हजार चालक और 15 परिचालक हैं। इन बसों में रोजाना औसत 41 लाख लाख लोग सफर करते हैं। दिल्ली सरकार की ओर से बसों में महिलाओं का सफर निशुल्क है। ऐसे में बड़ी संख्या में महिलाएं बसों में सफर करती हैं।
बस रूट पर चल रही है या नहीं विभाग को मिलेगी सूचना
बस अपने रूट पर चल रही है या नहीं इसकी भी जानकारी परिवहन विभाग को मिलती रहेगी। साथ ही, यह भी पता चलेगा कि किस बस और रूट पर यात्रियों की अधिक संख्या है। इस आधार पर अतिरिक्त बस सेवा दी जाएगी। यदि कोई बस खराब होती है तो इसकी भी जानकारी समय पर मिलेगी और जल्द संबंधित तकनीकी विशेषज्ञ भेजे जाएंगे। दैनिक यात्रियों और बसों के रूट आदि का डाटा भी एकत्र करने और विश्लेषण करने में एआई काफी मददगार साबित होगा।
बसों में एआई से चालकों के व्यवहार की निगरानी की जाएगी। इसके जरिये पता लगेगा कि किसकी गलती है। पर्याप्त संख्या में बसों के लिए आर्डर दिया गया है। अब हमारा पूरा ध्यान विशेष रूप से बसों के बेहतर संचालन की तरफ होगा। यात्रियों का अनुभव तकनीक के जरिये पता लगाया जाएगा।
- कैलाश गहलोत, परिवहन मंत्री