नई आबादी में बदमाशों से मुठभेड़ में शहीद दरोगा अख्तर खान के परिजनों ने बुधवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी से मुलाकात की। इस मामले में मुख्य आरोपी जावेद की गिरफ्तारी न होने और मौके से भागे पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी भी जाहिर की। परिजनों ने घटना स्थल से भागे पुलिस वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
25 अप्रैल को मोहल्ला नई आबादी में हिस्ट्रीशीटर बदमाश जावेद और उसके साथियों के साथ हुई मुठभेड़ में कोट चौकी प्रभारी सब- इंस्पेक्टर अख्तर खान शहीद हो गए थे। नौ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस मुख्य आरोपी जावेद को गिरफ्तार नहीं कर सकी।
गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज दरोगा के परिजन बुधवार को अलीगढ़ से दादरी पहुंचे। उनका कहना था कि अभी तक मामले का खुलासा करना तो दूर पुलिस मुख्य हत्यारोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। दबिश के दौरान पुलिस टीम में शामिल अन्य 11 पुलिस कर्मियों पर चल रही जांच के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इस मामले में पुलिस ईमानदारी से काम करें और जो भी दोषी हो उसे बख्शा न जाए।
अख्तर की डायरी और लैपटॉप नहीं मिला
दरोगा के पिता बाबू खान का कहना है कि अख्तर की डायरी और लैपटॉप अभी तक उन्हें नहीं मिला है। बेटे का जो सामान ले गए थे उसमें वह नहीं था। उनमें जरूर कुछ जानकारी हो सकती है। परिजनों ने डायरी और लैपटॉप की मांग भी की।
दरोगा के परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है। जावेद जल्दी गिरफ्तार होगा। अख्तर खान की डायरी और लैपटॉप पुलिस के पास है वह उन्हें दे दिया जाएगा।
- अनुराग सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी