मुख्यधारा में वापस आना चाहते हैं आईएस के दो संदिग्ध अपराधी
Thu, 30 Mar 2017 01:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
सार
कहा- समाज की मुख्यधारा में आना चाहते है वापस एनआईए से जवाब तलब
नोट: जम्मू कश्मीर के लिए उपयोगी---
आईएस के दो संदिग्धों ने अपराध स्वीकार करने के लिए आवेदन दायर किया
- कहा- समाज की मुख्यधारा में आना चाहते है वापस, एनआईए से जवाब तलब
{{#eligible}}
सभी खबरें बिना रुकावट पढ़ने के लिए
अमर उजाला एप डाउनलोड करें
इस्लामिक इस्टेट (आईएस) के दो संदिग्ध सदस्यों ने बुधवार को अदालत में आवेदन दायर कर अपना अपराध स्वीकार करने की इजाजत मांगी है। अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है।
विज्ञापन
एनआईए के मामलों की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश अमर नाथ के समक्ष यह आवेदन शेख अजहर-उल-इस्लाम उर्फ अब्दुल सत्तार शेख और मोहम्मद फरहान उर्फ मोहम्मद रफीक शेख ने दायर किया है। अदालत ने आवेदन पर सुनवाई 10 अप्रैल तय की है।
दोनों संदिग्धों ने आवेदन में कहा कि उन्हें अपने कथित कृत्यों पर खेद है और वे मुख्य धारा में वापस आना चाहते है और समाज में संदेश देने के अलावा स्वयं का पुनर्वास चाहते है। दोनों आवेदनकर्ता युवा उम्र के और अविवाहित हैं।
विज्ञापन
आरोपियों ने अधिवक्ता एमएस खान के जरिए दायर आवेदन में कहा कि वे अपना अपराध बिना किसी दवाब, धमकी या किसी के प्रभाव के बिना अपनी इच्छा से स्वीकार कर रहे है।
उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि न्यायिक हित में उनके आवेदन को स्वीकार उनके प्रति सहानुभूति दिखाते हुए सजा दी जाए। इतना ही नहीं उन्हें उनके गृह राज्य में दी गई सजा भुगतने की इजाजत दी जाए।
एनआईए ने पिछले वर्ष जनवरी में शेख, फरहान और अदनान हसन उर्फ मोहम्मद हुसैन को गिरफ्तार किया था। शेख अजहर जम्मू और कश्मीर से हैं, जबकि फरहान और हसन क्रमश: महाराष्ट्र और कर्नाटक के निवासी है। तीनों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र व गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।