फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैंसर पीड़ित पिता समेत 5 लोगों को नदी में डूबोने के बाद इसी कार से प्रेमी संग भागी थी प्रीति

Fri, 09 Sep 2016 03:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
विज्ञापन
narora murder case - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
नरौरा नहर में अपने कैंसर पीड़ित पिता व मां समेत पांच लोगों को कार में बंद कर फेंकने वाली बेरहम बेटी प्रीति जिस कार से फरार हुई थी, वह कार शुक्रवार को पुलिस ने बरामद कर ली है। यह कार किठोर में जब्त की गई है। बता दें कि इसी कार से आरोपी मुगीश बदायूं पुहंचा था और वारदात को अंजाम देने के बाद प्रीति और मुगीश इसी से फरार हो गए थे।
विज्ञापन

narora murder case - फोटो : अमर उजाला
क्या है पूरा मामला- खून से रंगे हाथों में रचाई प्यार की मेंहदी
कैंसर पीड़ित पिता, मां, मामी समेत दो लोगों की हत्या से रंगे हाथों में प्रीति नेे बेमेल प्यार की मेंहदी लगा ली। इतना ही नहीं पांच लोगों के हत्या आरोपी प्रेमी युगल ने हाईकोर्ट में खुुद को पति-पत्नी बताकर सुरक्षा की भी कोशिश की। प्रीति नेे सुरक्षा की मांग के लिए अपना नाम जिया उर्फ प्रीति बताया, इससेे उसके धर्मपरिवर्तन कर निकाह का भी अंदेशा जताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट से दोनों सुरक्षा हासिल करना चाहते थे। जानकारों का कहना है कि निकाह या विवाह करने के बाद ही यह आसानी से संभव होता है। वहीं, यह भी जानकारी मिली है कि प्रीति ने सुरक्षा की मांग के लिए वहां अपना नाम प्रीति उर्फ जिया बताया था। प्रीति के हाथ में गिरफ्तारी के बाद भी मेंहदी रची साफ दिखाई देे रही थी। हालांकि पुलिस आधिकारिक रूप सेे उनके निकाह या शादी करने की पुष्टि नहीं कर रही।

कार को न‌िकालते बचावकर्मी - फोटो : अमर उजाला
ढोंग के साये के आगे नतमस्तक था परिवार
पुलिस नेे यह भी खुलासा किया है कि मुुगीश सेे संबंधों की जानकारी परिजनों को होने के बाद प्रीति बाबा का साया अपने उपर आने का ढोंग करने लगी थी। जब भी वह साया आने का ढोंग करती थी, परिजन उसकी हर बात मानते थे। वह साया आने की बात कहकर ही उन्हें अक्सर बदायूं दरगाह लेे जाती थी। घटना के दिन भी परिजनों नेे प्रीति के कहने पर पांच हजार की चादर चढ़ाने और 11 हजार रुपये में कव्वाली की व्यवस्था कराई थी।

narora murder case
नरौरा में पांच लोगों की हत्या की साजिश आरोपी मुगीश ने सावधान इंडिया औैर क्राइम पेट्रोल सीरियल देेखकर रची थी। सीरियल देखकर हत्या को हादसा बनाने की फूलप्रूफ प्लानिंग की थी। यही कारण था कि हत्याकांड प्राथमिक जांच में हादसा प्रतीत हो रहा था। मुगीश ने प्लान के तहत ही शहर स्थित अपना फ्लैट दो माह पूर्व 22 लाख रुपयेे में बेच दिया था। 26 अगस्त को जब ईको कार नहर में मिलने का मामला सामने आया था तो पुलिस इसे हादसा मान रही थी। बुलंदशहर और नरौरा पुलिस ने भी शुरुआत में इस मामले की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की थी। बाद में प्रीति के परिजनों व ग्रामीणों ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए परी चौक पर जाम लगाया।

car accident - फोटो : अमर उजाला
पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी थी। जबकि नींद की गोलियां देेनेे और अपहरण करनेे की घटना बदायूं और नहर में फेंकने की वारदात नरौरा (बुलंदशहर) में हुई थी। हालांकि प्रीति के परिजनों ने मौलवी सलीम पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेेकिन सलीम का शव मिलने के बाद पूरा मामला ही बदल गया। पुलिस पड़ताल में सामने आया हैै कि आरोपी सावधान इंडिया और क्राइम पेट्रोल सीरियल देखता था। इसी से आरोपी को मोबाइल साथ न रखनेे की जानकारी हासिल हुई। मुगीश ने अपना मोबाइल वर्कशॉप के एक कर्मचारी के पास छोड़ दिया व प्रीति ने अपना मोबाइल घर में ही तोड़ दिया था। मुगीश ने प्लान के तहत ही शहर स्थित अपना फ्लैट दो माह पूर्व 22 लाख रुपयेे में बेच दिया था।

car accident - फोटो : अमर उजाला
... तो कामयाब हो जाता प्लान
नरौरा नहर से कार और कुछ शव बरामद होने के बाद यह अंदेेशा जताया जा रहा था कि प्रीति भी नहर में गिर गई है। अगर इस मामले में प्रीति के परिजन जाम लगाकर रिपोर्ट दर्ज न कराते और पुलिस गहन पड़ताल न करती, तो आरोपी मुगीश व प्रीति की साजिश कामयाब हो सकती थी। प्रीति के भी नहर में गिरने की बात मानने के बाद इस केस का खुलासा होना मुश्किल था।

car accident - फोटो : अमर उजाला
पहले भी युवती को भगानेे की साजिश में शामिल था मुगीश 
नरौरा में पांच लोगों की हत्या का आरोपी मुगीश पहले भी एक लड़की को भगाने की साजिश में शामिल रहा है। उस दौरान लड़की घर से 25 लाख रुपये लेकर भागी थी। बाद में पंचायत में लड़की व रुपये वापस करने पर समझौता कर लिया गया था। उस दौरान मुगीश व उसके साथी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। पुलिस नेे किठौर के राधना निवासी मुगीश का आपराधिक इतिहास खंगालनेे का प्रयास किया। इस दौरान उसके खिलाफ कोई केस दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई।

narora murder case - फोटो : अमर उजाला
हालांकि पुलिस को यह पता लगा कि लगभग ढाई वर्ष पहले क्षेत्र से एक युवती 25 लाख रुपये लेकर घर सेे गायब हुई थी। लड़की को भगानेे में मुख्य रूप से मुगीश का साथी शामिल था, मगर मुगीश भी उस साजिश में शामिल था। उस दौरान भी गुमराह करनेे के लिए आरोपियों ने लड़की व अपने कपड़ों पर खून लगाकर नहर की पुलिया पर रख दिए थे। हालांकि बाद में परिजनों ने लड़की का पता लगा लिया था। इस मामले में पंचायत हुई और इसमें रुपयेे व लड़की परिजनों को सौंपने के बाद समझौता कर लिया गया।

narora murder case - फोटो : अमर उजाला
कोर्ट परिसर में कहा, हमने ही पांचों को मारा
अदालत में पेशी के दौरान मुगीश औैर प्रीति ने एक निजी चैनल के सामने स्वीकार किया कि उन्होंने ही पांच लोगों को मारा है। इससेे पहले भी पुलिस के सामने आरोपियों ने सभी को बेहोश कर नहर में फेंकने की बात स्वीकार की थी। हालांकि चालक ओमपाल का अभी तक सुराग नहीं लगा है। 
मुगीश पहले भी लड़की भगाने की साजिश में शामिल रहा है, लेेकिन इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया गया था। नरौरा केस से जुड़ी कई बातें सामने आई हैं। आरोपियों को कड़ी सेे कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।-सुधीर त्यागी, कासना कोतवाली प्रभारी

नरोरा हत्याकांड में गायब ड्रा‌इवर ओमपाल के प‌र‌िजन प्रदर्शन करते हुए - फोटो : अमर उजाला
मेडिकल स्टोर संचालक की रिपोर्ट भेजेंगे
आरोपी मुगीश किठोर के ही मेडिकल स्टोर से अक्सर नींद की गोलियां खरीदता था। इस बार संचालक ने प्रतिबंधित होने के बावजूद उसेे बड़ी संख्या में नींद गोलियां दे दी थीं। पुलिस का कहना है कि मुगीश ने उससे कहा था कि वह रोज दवा का सेवन करता है और एक महीनेे के लिए बाहर जा रहा है। इसलिए उसने वहां सेे अधिक गोलियां खरीदी थीं। हालांकि इसकी रिपोर्ट पुलिस संबंधित विभाग को भेेज रही है।

narora murder case - फोटो : अमर उजाला
नरौरा नहर में चार अन्य लोगों संग फेंके गए चालक ओमपाल की पत्नी आशा बृहस्पतिवार को परिवार व ग्रामीणों संग कलक्ट्रेट पर धरने पर बैठ गई। आशा ने पुलिस और प्रशासन से ओमपाल के जिंदा होने का सुबूत मांगा या फिर उसके मौत का प्रमाण पत्र जारी कर बच्चों के भरण-पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। मौके पर उसने न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या के लिए विवश होने की बात कही है। वहीं इस मामले में जिलाधिकारी एनपी सिंह ने कहा है कि 15 से 20 दिन के भीतर पुलिस मामले की चार्जशीट पेश कर देगी। लखनावली निवासी आशा ने पुलिस-प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया था। आशा का कहना है कि उसके पति को जिंदा या मुर्दा बरामद किया जाए और वारदात में शामिल अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन

narora murder case - फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे आशा के साथ उसका परिवार, ग्रामीण व बड़ी संख्या में दलित समाज के लिए लोग कलक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए और धरने पर बैठ गए। इनके साथ चालक के तीनों बच्चे 8वीं का छात्र निशांत, 7 वीं की छात्रा निकिता और कक्षा 2 का छात्र कार्तिक भी धरने पर बैठे। ओमपाल की मां मुनेश भी धरने पर बैठी रही। दोपहर 3 बजे जिलाधिकारी एनपी सिंह ने पीड़ित परिवार व अन्य लोगों से वार्ता की। डीएम ने कहा कि 15 से 20 दिन के भीतर पुलिस इस मामले में चार्जशीट पेश कर देगी। इसके बाद आवश्यक प्रमाण पत्र, मुआवजा आदि की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। अन्य आरोपियों के संबंध में भी पुलिस जांच करेगी। इसके बाद आशा व अन्य ग्रामीण धरने को खत्म कर वापस लौट गए। ग्रामीणों व दलित समाज के लोगों ने भी आशा व उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की और वारदात में शामिल दो अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें