दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) इंदिरापुरम के दसवीं कक्षा के छात्र ने बृहस्पतिवार को स्कूल की तीसरी मंजिल की बालकनी से छलांग लगा दी, जिससे वह घायल हो गया।
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आनन-फानन में उसे पास के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे फोर्टिस नोएडा रेफर कर दिया गया। पुलिस की शुरुआती जांच में मामला एकतरफा प्रेम में सुसाइड के प्रयास का बताया जा रहा है।
इंदिरापुरम के शिप्रा सन सिटी निवासी 15 वर्षीय एक छात्र डीपीएस इंदिरापुरम में दसवीं कक्षा में पढ़ता है। एसओ इंदिरापुरम शीलेश यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर करीब पौने दो बजे स्कूल की छुट्टी के तुरंत बाद छात्र स्कूल की तीसरी मंजिल स्थित बालकनी से नीचे कूद गया।
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छात्रा को किया था प्रपोज
- फोटो : representative pic
ऊंचाई से कूदने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इससे स्कूल में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्कूल स्टाफ ने उसे पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे नोएडा के फोर्टिस अस्पताल रेफर कर दिया गया।
छात्र की हालत गंभीर बनी हुई है। उसके हाथ, पैर, पीठ और सिर में चोटें आई हैं। एसओ ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्र अपने क्लास में ही पढ़ने वाली एक किशोरी से प्यार करता है।
उसने छात्रा को प्रपोज भी किया था, मगर छात्रा ने इंकार कर दिया था। बृहस्पतिवार को स्कूल की छुट्टी के समय वह छात्रा के सामने ही तीसरी मंजिल से नीचे कूद गया। हालांकि अन्य बिंदुओं पर भी जांच जारी है। छात्र के बयानों के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
लड़की से जबरन हां बुलवाने के लिए कूदा
एसओ इंदिरापुरम ने बताया कि प्रपोजल ठुकराने के बाद छात्र ने छात्रा को कई बार किसी दूसरे छात्र के साथ देखा। उसने इस बात का विरोध भी किया था।
पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार को छुट्टी होने के दौरान छात्रा को कहा कि दूसरे छात्र से बात न करे और उसके प्यार के प्रपोजल को हां कर दे। अगर वह ऐसा नहीं करती है तो वह छलांग लगा देगा।
छात्रा ने ध्यान नहीं दिया तो वह नीचे कूद गया। स्कूल की वाइस प्रिसिंपल संगीता का कहना है कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। वह स्कूल के स्तर पर जांच करवाएंगी कि ऐसी घटना क्यों हुई है।
मनोचिकित्सक डॉक्टर हिमांशु पांडेय ने बताया कि किशोरावस्था में अक्सर बच्चे एक दूसरे के प्रति आकर्षित हो जाते हैं। इसे प्रेम समझकर वह इस तरह के कदम उठा लेते हैं।
परिजनों को चाहिए कि बच्चों से स्कूल के कार्यकलापों और दोस्तों के विषय में बातचीत करें। अगर कभी लगता है कि वह गलत रास्ते पर जा रहे हैं तो उन्हें समझाएं और इस तरह के कदम उठाने से रोकें।