ऑपरेशन दुर्योधन में फंस चुके पूर्व सांसद ने 11 वर्ष बाद फर्जी हस्ताक्षर की शिकायत दी है। संसद ने निकाले पूर्व लोकसभा सांसद रामसेवक सिंह ने नई दिल्ली जिले पार्लियामेंट थाने में बुधवार को यह शिकायत दी है। पूर्व सांसद ने शिकायत में कहा कि वर्ष 2005 में पैसे लेकर सवाल पूछे जाने वाले प्रश्नपत्र पर उनके हस्ताक्षर नहीं थे।
किसी ने उनके फर्जी साइन किए हैं। पार्लियामेंट थाना पुलिस ने शिकायत तो ले ली है, मगर कोई मामला दर्ज नहीं किया है। नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 11 वर्ष बाद आई शिकायत पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार रामसेवक सिंह कांग्रेस से लोकसभा सांसद थे। वह एक निजी चैनल द्वारा किए गए ऑपरेशन दुर्योधन के तहत पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में फंसे थे। इसके बाद रामसेवक सहित कई सांसदों को लोकसभा से निकाल दिया गया था।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा इस मामले की जांच कर रही है। पूर्व सांसद ने शिकायत के साथ कुछ लैटर व कागजात दिए हैं। उन्होंने आग्रह किया है कि उनके फर्जी साइन करने वाले की पहचान के लिए वर्ष 2005 की सीसीटीवी फुटेज को देखा जाए। हालांकि लोकसभा सचिवालय का कहना है कि इस मामले में निर्णय लिया जा चुका है और अब ये मैटर बंद हो चुका है।