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दिल्ली: एनसीईआरटी की नकली किताबें छपवाने वाला गिरफ्तार, सितंबर में छापा मारकर 35 लाख नकली किताबें की थीं बरामद

Mon, 06 Dec 2021 11:53 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

पुलिस को सूचना मिली कि ट्रांस यमुना क्षेत्र में नकली एनसीईआरटी पुस्तकों का मुद्रण किया जा रहा है। 18 सितंबर को पुलिस ने सतर्कता अधिकारी और उत्पादन अधिकारी के साथ एक प्रिंटिग प्रेस पर छापा मारा।
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delhi police - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एनसीईआरटी की नकली किताब छपवाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। सितंबर माह में अपराध शाखा ने नंदनगरी के मंडोली में स्थित प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा था, जहां से 35 लाख रुपये कीमत की नकली किताब, एनसीईआरटी के वॉटरमार्क वाले प्रिंटिंग पेपर और नवीनतम ऑफसेट प्रिंटिंग मशीन बरामद किया था। इस दौरान प्रिंटिंग प्रेस के मालिक को गिरफ्तार किया था। फरार आरोपी ने किताब छापने का निर्देश दिया था।
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पुलिस उपायुक्त राजेश देव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान शाहदरा निवासी अभिषेक सचदेवा(25) के रूप में हुई है। उत्कृष्ट सामग्री के कारण एनसीईआरटी की किताबों की भारी मांग रही है। इसके अलावा मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकों को अनिवार्य बनाने के प्रयास किए हैं। सरकार के इस कदम से एनसीईआरटी पुस्तकों की मांग में वृद्धि हुई। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग एनसीईआरटी नकली किताबें छपवाकर बेचने लगे।

पुलिस को सूचना मिली कि ट्रांस यमुना क्षेत्र में नकली एनसीईआरटी पुस्तकों का मुद्रण किया जा रहा है। 18 सितंबर को पुलिस ने सतर्कता अधिकारी और उत्पादन अधिकारी के साथ एक प्रिंटिग प्रेस पर छापा मारा। पुलिस ने प्रिंटिंग प्रेस के मालिक शाहदरा निवासी मनोज जैन को गिरफ्तार कर लिया।
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सितंबर से ही फरार चल रहा था आरोपी
मनोज जैन ने पूछताछ में बताया कि अभिषेक सचदेवा के निर्देश पर किताबों की छपाई कर रहा था, जिन्होंने उन्हें किताबें छापने के लिए कागज और सामग्री की आपूर्ति की थी। छापेमारी के बाद आरोपी फरार था। अपराध शाखा ने एक सूचना पर 4 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि उसके पिता का एनसीईआरटी की किताबें बेचने के कारोबार में था। जिनकी दिसंबर 2020 में कैंसर के कारण मौत हो गई थी। उनकी मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी और जल्दी पैसा कमाने के लिए नकली किताबों की छपाई करने की योजना बनाई। उसने बताया कि इन किताबों में इस्तेमाल होने वाली छपाई सामग्री उनके पिता ने खरीदी थी और उसने इन किताबों को ग्राहकों को ऑनलाइन बेचने की योजना बनाई थी। 
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