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कलेक्शन एजेंट से चार लाख की लूट

Fri, 05 Feb 2016 01:00 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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मनी ट्रांसफर कंपनी इको के कैश कलेक्शन एजेंट सुंदर त्यागी से चार बदमाशों ने हथियारों के बल पर चार लाख पांच हजार रुपये और मोबाइल लूट लिया।
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वारदात बृहस्पतिवार दोपहर करीब पौने दो बजे साइट-4 औद्योगिक क्षेत्र पुलिस चौकी के पास हुई। सुंदर कई दुकानों से कैश कलेक्ट करके महाराजपुर जा रहा था।

पुलिस कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी से पूछताछ कर रही है, जिसका कंपनी मालिक मोहित के साथ लेनदेन का विवाद चल रहा है।

इंदिरापुरम के नीतिखंड में मोहित त्यागी इको कंपनी का ऑफिस चलाते हैं। निवाड़ी निवासी सुंदर त्यागी उनके ऑफिस में करीब आठ साल से कैश कलेक्शन करता है।

वारदात के दौरान सुंदर कड़कड़ मॉडल गांव से कैश कलेक्ट कर बाइक से महाराजपुर की ओर जा रहा था। औद्योगिक क्षेत्र चौकी पार करते ही बाइक सवार दो बदमाशों ने ओवरटेक कर बाइक रुकवा ली।

बदमाशों ने सुंदर के सीने पर तमंचा तान दिया, तभी पीछे से स्कूटी पर आए दो बदमाशों में से एक ने सुंदर के कंधे से रुपयों से भरा बैग लूट लिया।

स्कूटी सवार बदमाश बैग लेकर औद्योगिक क्षेत्र चौकी और बाइक सवार बदमाश सुंदर की बाइक की चाभी और मोबाइल लेकर महाराजपुर बॉर्डर की ओर भाग गए।

बाद में सुंदर ने मोहित के साथ साहिबाबाद थाने में आकर सूचना दी। एएसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि बैग में चार लाख पांच हजार रुपये थे। रिपोर्ट दर्ज कर बदमाशों की तलाश की जा रही है।
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लिफ्ट लेकर चौकी पर पहुंचे दरोगा
घटना के बाद एक दरोगा बाइक पर लिफ्ट लेकर औद्योगिक क्षेत्र चौकी जाते दिखे। ऐसे में बिना वाहन पुलिसकर्मी कैसे गश्त करते हैं, यह बड़ा सवाल है।

हेयर ड्रेसर घटना का चश्मदीद
घटनास्थल से 50 मीटर दूर हेयर ड्रेसर सुबेदार ठाकुर ने वारदात देखी है। उन्होंने बताया कि दो युवकों ने सुंदर से बैग ले लिया। सुंदर ने विरोध नहीं किया। ऐसे में पता नहीं चला की लूट हुई।

पुलिस को शक है कि बदमाश कई दिन से रेकी कर रहे थे। सुनसान रोड पर वारदात की। एसएचओ लिंक रोड उपेंद्र यादव ने बताया कि आसपास की फैक्ट्रियों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

फर्जी डॉक्यूमेंट से क्रेडिट कार्ड बनाकर एक लाख की चपत
ठगों ने फर्जी डॉक्यूमेंट के सहारे राजेंद्र नगर निवासी एक मैनेजर के नाम पर एक क्रेडिट कार्ड बनवाया और उससे एक लाख रुपये की शॉपिंग कर ली। क्रेडिट कार्ड का बिल मैनेजर के घर पहुंचा तो उन्हें ठगी का पता चला।

पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ठगों की तलाश कर रही है। राजेंद्र नगर सेक्टर तीन निवासी योगेश एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हैं। दो फरवरी को उनके घर पर एक प्राइवेट बैंक से लैटर आया।

लैटर में लिखा था कि उनके क्रेडिट कार्ड का करीब एक लाख रुपये का बिल बकाया है, जिसे तुरंत जमा करवा दें। बैंक ने बिलिंग अमाउंट उनके सैलरी अकाउंट से काट लिया है।

उन्होंने बैंक जाकर पूछताछ की तो पता चला कि वर्ष 2008 में उनके नाम से एक क्रेडिट कार्ड बनवाया गया था। हालांकि उसमें जो एड्रेस प्रूफ लगा है, वह लाजपत नगर के एक घर का है, जो कि फर्जी है।
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क्रेडिट कार्ड कंपनी को राजेंद्र नगर का भी पता दिया गया था। योगेश ने बताया कि क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए वेरिफिकेशन होता है, मगर क्रेडिट कार्ड बनाने वाले बैंक ने कभी उनसे संपर्क ही नहीं किया।

सवाल है कि बिना वेरिफिकेशन के बैंक ने कैसे क्रेडिट कार्ड बना दिया। शिकायत के बाद बैंक मामले की जांच करने की बात कह रहा है।
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