रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह से मारपीट मामले में कोर्ट में पेश किए गए एडीएम के गनर और नौकर को जमानत मिलने का अधिवक्ता राजकुमार नागर ने दावा किया है।
अधिवक्ता ने बताया कि एफआईआर पढ़ने के बाद अदालत ने पुलिस को जानलेवा हमले की धारा को लेकर कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि जो तहरीर लिखी गई है, उस पर आईपीसी की धारा 307 और 348 नहीं बनती।
इसके बाद इंस्पेक्टर ने दोनों धाराओं को केस से हटा दिया। इसके बाद अन्य धाराओं में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जमानत दे दी, लेकिन जमानत के दस्तावेज न होने से दोनों को जेल भेजा गया है।
हालांकि, सेक्टर-20 थाना प्रभारी मनोज पंत ने आरोपियों को जमानत मिलने से इंकार किया है। उन्होंने दावा किया कि कोर्ट ने न तो धारा हटाई है और न ही आरोपियों को जमानत दी है।