राष्ट्रपति भवन के सामने सोमवार सुबह उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब यहां पहुंचे सगे बहन-भाई निर्वस्त्र होकर चिल्लाने लगे। पुलिसकर्मियों ने दोनों को काबू किया और दोनों पर शॉल लपेट दी।
वह राष्ट्रपति से मिलने की मांग कर रहे थे। दरअसल उनकी एक स्टील की फैक्ट्री थी, जो आर्थिक मंदी के कारण बंद हो गई है। जिससे उनकी मानसिक हालत बिगड़ गई है।
कुछ देर बाद दोनों ने शॉल भी उतार दीं और यहां-वहां भागने लगे। कोर्ट के आदेश के बाद सोमवार शाम दोनों को इलाज के लिए शाहदरा स्थित इबहास में भर्ती कराया गया। नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त एसबीएस त्यागी ने बताया कि दोनों की मानसिक हालत ठीक नहीं है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वाराणसी के रहने वाले भाई और बहन सोमवार सुबह पहले इंडिया गेट पहुंचे और फिर राष्ट्रपति भवन के सामने पहुंचकर चिल्लाने लगे। पुलिसकर्मियों ने जब उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो दोनों ने सारे कपड़े उतार दिए और रामायण व हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे।
कपड़े उतारने व इधर-उधर भागने का घटनाक्रम करीब दो घंटे चलता रहा। करीब एक बजे दोनों को पार्लियामेंट थाने ले जाया गया। भाई का कहना था कि उसकी बहन के अंदर पिता की आत्मा है। आत्मा और शरीर अलग-अलग है। शरीर चला जाता है और आत्मा जमीन पर ही रह जाती है।
बहन का कहना था कि उनकी स्टील की फैक्टरी थी। आर्थिक मंदी के चलते फैक्टरी बंद हो गई। इनका ये भी कहना था कि इंडिया के बाद उन्हें सबसे ऊंची जगह राष्ट्रपति भवन के सामने दिखी। इसलिए उस पर चढ़ गए। पुलिस दोनों को आरएमएल अस्पताल ले गई।
डॉक्टरों के दो पैनलों ने दोनों की मेडिकल जांच की। फिर उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश के बाद दोनों को इबहास में भर्ती करा दिया गया। पुलिस इनके रिश्तेदारों की तलाश कर रही है।