दिल्ली के ओखला एरिया में देश के सबसे बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की जा रही है। 12 एकड़ में फैले इस ट्रीटमेंट प्लांट में प्रतिदिन 564 लाख लीटर सीवेज के ट्रीटमेंट की क्षमता होगी। इसके बाद इसका जल यमुना में छोड़ा जाएगा। दावा किया गया है कि इसके बाद यमुना के जल प्रदूषण में कमी आएगी। यह प्लांट दिसंबर 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस प्लांट के पूरा होने के बाद ओखला में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कुल क्षमता बढ़कर 771 एमएलडी हो जाएगी। ओखला में इस समय 72 एमएलडी और 136 एमएलडी क्षमता के दो ट्रीटमेंट प्लांट पहले ही काम कर रहे हैं।
दिल्ली के जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि इस ट्रीटमेंट प्लांट से निकले पानी का उपयोग भू-जल को पुनः जीवंत करने के लिए किया जाएगा। अतिरिक्त पानी को यमुना में छोड़ा जाएगा। मंत्री ने दावा किया कि ट्रीटेड पानी की गुणवत्ता केंद्रीय संस्थाओं द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार होगी। जिसका विभिन्न उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
इस एसटीपी में 12 एकड़ में फैले लगभग 150 टन कीचड़ को सुखाने के लिए सोलर-ड्राइंग की व्यवस्था भी होगी। दूषित पानी से ठोस कणों को हटाने के लिए उन्नत सक्शन प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है।