आखिरकार, ड्राइवर सतबीर सिंह ने मार्शल के कहने पर बस को वहीं खड़ी करते हुए अन्य यात्रियों को उतरने को कहा। इसके बाद 112 और 100 नंबर पर कॉल कर, पुलिस और एंबुलेंस को बुलाया ताकि मरीज की मदद हो सके। एंबुलेंस से अस्पताल भेजने के बाद बस को सेनिटाइज करवाया गया।
ड्राइवर सतबीर ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान सभी तरह के एहतियात बरते जा रहे हैं। जब मरीज ने बताया कि उसकी तबियत खराब है तो तत्काल उसकी मदद की।
मार्शल कंवरजीत की सराहना करते हुए कहा कि सुबह से ही बस में प्रवेश करने वाले सभी यात्री से पूछताछ और आईडी कार्ड देखने के बाद ही प्रवेश करने दे रहे थे। लॉकडाउन के दौरान ऐसे हालात में एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचवाने के लिए मानवता का धर्म निभाया।
यात्री को अस्पताल भेजने के बाद तत्काल डिचाऊं डिपो पर बस को दो बार सेनिटाइज करवाया। मार्शल ने बताया कि मैंने अपनी जिम्मेदारी निभाई और कोई भी व्यक्ति अगर बीमार है तो बस में सफर करने की बजाय एंबुलेंस को बुलाना चाहिए।
बस में तैनात कर्मियों ने बताया कि कोरोना संक्रमण के खतरे का खौफ सभी में है। एहतियात बरते जा रहे हैं ताकि किसी तरह के संक्रमण का खतरा न रहे। कोरोना संक्रमण के खतरे की आशंका के दौरान एक मरीज ने सभी के लिए चिंताएं बढ़ा दी हैं।
ड्यूटी के लिए जाने से पहले और बाद में दो बार स्नान करने के साथ-साथ सेनेटाइजर और मास्क का सभी कर्मी इस्तेमाल कर रहे हैं। इस घटना के बाद बसों में तैनात सभी कर्मियों को मास्क, सेनेटाइजर और साबुन मुहैया की जा रही है।