10 हजार से भी ज्यादा मरीजों की मौत हुई
पिछले साल जब दिल्ली सहित पूरे देश में कोरोना महामारी की लहर आई तो उस दौरान सोशल मीडिया पर डॉक्टरों के प्रिस्क्रिप्शन वायरल होने लगे और लोगों ने धड़ल्ले से स्टेरॉयड युक्त दवाओं का सेवन शुरू कर दिया। इन दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जानकारी नहीं थी। जिसका परिणाम यह रहा कि देश में ब्लैक फंगस के मामले सामने आने लगे। करीब 10 हजार से भी ज्यादा मरीजों की मौत हुई। इनके अलावा ब्लैक फंगस की वजह से कई लोगों की आंख की रोशनी तक चली गई।
दो सप्ताह में मोलनुपिराविर दवा की काफी बिक्री हुई
डॉक्टरों का कहना है कि अभी इस दवा को कोविड प्रोटोकॉल में शामिल नहीं किया है। यह दवा किसी खास या अनुभवी चिकित्सक की निगरानी या फिर अस्पताल में भर्ती होने के बाद ही ली जा सकती है। उधर दिल्ली के दवा बाजार से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दो सप्ताह में मोलनुपिराविर दवा की काफी बिक्री हुई है। दवा मार्केट के अध्यक्ष सुभाष वर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अभी उनके पास इसका काफी भंडारण है। करीब 13 कंपनियां इसका उत्पादन कर रही हैं लेकिन दवा को लेकर अभी तक उनके पास कोई सरकारी निर्देश नहीं है।