जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय कैंपस में 12 से अधिक छात्र संक्रमित हैं। इसके अलावा दो छात्रों ने रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद कैंपस छोड़ दिया है। जबकि इन संक्रमित छात्रों को नियमों के तहत होम आइसोलेशन(एकांतवास में रहना) में रहना अनिवार्य था, ताकि उनके चलते अन्य संक्रमित न हो। कैंपस में विश्वविद्यालय प्रशासन की सख्ती के बाद नियमों का पालन नहीं हो रहा है। होम आइसलोशन के नियमों का पालन भी नहीं किया जा रहा है।
जेएनयू प्रशासन ने छात्रों की मांग पर दिल्ली में कोरोना महामारी की तीसरी लहर के बाद भी छात्रों को कैंपस में रहने की अनुमति दी है। इसमें हॉस्टल में रहने वाले छात्र भी शामिल हैं। इसके अलावा जेएनयू सिक्योरिटी को सख्ती से निमयों का पालन करने का आदेश दिया हुआ है।
इसके तहत छात्र, शिक्षक, कर्मियों समेत कैंपस में रहने वाले उनके परिवारों को महामारी से बचाव के लिए तय नियमों का पालन करना जरूरी था। इसके अलावा दिल्ली सरकार के नियमों के तहत शुक्रवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू भी लागू रहेगा। यदि कोई नियम तोड़ता है तो जुर्माने के अलावा अनुशासनात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान है। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। संक्रमित छात्रों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद वे कैंपस से बाहर कैसे चले गए? इस बारे में प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं है।