राजधानी में कोरोना संक्रमण लगातार पैर पसार रहा है। यही वजह है कि कोविड केयर हेल्पलाइन नंबर पर हर तीसरे मिनट में कोविड की घंटी बज रही है। केंद्र पर प्रतिदिन 400 से 500 कॉल आ रही हैं। ऐसे में केंद्रों पर प्रत्येक घंटे करीब 20 कॉल पहुंच रहे हैं। वहीं, एंबुलेंस सेवा के लिए भी कॉल का आंकड़ा 1600 को पार कर गया।
बीते एक सप्ताह में कोरोना को लेकर लगातार नए मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है। हल्की तबियत बिगड़ने पर घबराकर लोग एंबुलेंस और कोविड केयर सेंटर में फोन घुमा रहे हैं, जबकि मार्च में इन कॉल की संख्या में काफी कमी देखी गई थी। कोविड हेल्पलाइन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संक्रमण बढ़ने से पहले प्रतिदिन आने वाले कॉल की संख्या में तेजी से कमी देखी गई थी। खासतौर पर दो मार्च के बाद से कॉल की संख्या में गिरावट देखी गई थी।
वहीं, बीते दिनों से संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अधिकारी ने बताया कि अब प्रतिदिन 400 से 500 कॉल आ रहे हैं, जबकि संक्रमण बढ़ने से पहले इन कॉल की संख्या 300 से 400 हुआ करती थी। मदद के लिए आने वाली हर कॉल को उठाकर उनकी तकलीफ को पूछा जाता है। हालांकि, लोग बीमारी के हल्के लक्षण होने पर ही घबराकर कॉल कर रहे हैं। कॉल करने पर लोग खांसी, जुकाम और बुखार को लेकर अधिक शिकायत कर रहे हैं। हालांकि, अधिकांश मामलों का निपटारा कॉल पर ही किया जा रहा है। कम ही मामलों में लोग अस्पतालों तक आते हैं।
होम आइसोलेशन का सहारा ले रहे मरीज
लोक नायाक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि संक्रमण फैलने के बीच लोग खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। इसे लेकर अस्पताल में भी मरीज देखने को मिले हैं, लेकिन किसी भी मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की नौबत नहीं दिखी। अधिकांश मरीजों में हल्के लक्षण ही देखने को मिल रहे हैं। यही वजह है कि लोग इलाज कराकर वापस लौट रहे हैं और होम आइसोलेशन का सहारा ले रहे हैं।
वहीं, एम्स के डॉक्टर अन्नय गुप्ता ने कहा कि एम्स के आपातकालीन विभाग में भी मरीज कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं, किसी भी मरीज गंभीर लक्षण देखने को नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से एक तरफ कोरोना के दैनिक मामलों का ग्राफ बढ़ रहा है, लेकिन अस्तपतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या नहीं बढ़ रही है। डॉक्टर ने कहा कि जो लोग संक्रमित हो रहे हैं, वे घर में ही रहकर ठीक हो रहे हैं।
बीते एक सप्ताह में होम आइसोलेशन में बढ़े 48 फीसदी मरीज
दिल्ली में संक्रमण दर बढ़ने के साथ पिछले एक सप्ताह में होम आइसोलेशन के मामलों में लगभग 48 फीसदी की वृद्धि हुई है। बृहस्पतिवार तक होम आइसोलेशन के मामलों की संख्या 574 थी, जबकि 325 नए मामलों के साथ संक्रमण दर 2.39 फीसदी दर्ज की गई थी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, आठ अप्रैल को 1.39 फीसदी संक्रमण दर के साथ 146 नए मामले दर्ज किए गए थे। इस दौरान 388 मरीज होम आइसोलेशन में थे। आठ से 14 अप्रैल के बीच होम आइसोलेशन के मामलों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, जो 14 अप्रैल को बढ़कर 574 हो गई। 11 अप्रैल को यह आंकड़ा 447 था, जो कि 13 अप्रैल को 504 तक पहुंच गया था। इस अवधि में लगभग 48 फीसदी की वृद्धि हुई है। गौरतलब है कि सोमवार को संक्रमण दर 2.7 फीसदी थी, जो कि दो महीने में सबसे अधिक थी। बृहस्पतिवार तक संक्रमण दर 2.39 फीसदी दर्ज की गई है। बीती पांच फरवरी को यह 2.87 फीसदी दर्ज की गई थी। महामारी की तीसरी लहर के दौरान दिल्ली में दैनिक कोविड मामलों की संख्या 13 जनवरी को 28,867 के रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुंच गई थी। इस वर्ष अब तक की सबसे अधिक संक्रमण दर 14 जनवरी को 30.6 फीसदी रही है, जो महामारी की तीसरी लहर के दौरान सबसे अधिक थी। बता दें कि एक फरवरी को होम आइसोलेशन के मामलों की संख्या 12,312 थी, जो कि 24 फरवरी तक 1,559 रह गई थी।
कोरोना टेबल
| तारीख |
केस |
एंबुलेंस कॉल |
कोविड हेल्पलाइन कॉल |
संक्रमण दर |
| 1 |
131 |
1657 |
434 |
0.57 |
| 5 |
112 |
1578 |
480 |
1.05 |
| 7 |
176 |
1607 |
403 |
1.68 |
| 8 |
146 |
1604 |
458 |
1.39 |
| 10 |
141 |
1393 |
371 |
1.29 |
| 14 |
325 |
1693 |
440 |
2.39 |
नोट आंकड़े अप्रैल के हैं।