दिल्ली की मौजूदा सियासी हालात में कांग्रेसियों को शीला दीक्षित फिर याद आने लगी हैं। कांग्रेसी शीला दीक्षित को वापस दिल्ली बुलाने की मांग करने लगे हैं।
विधायक चौधरी मतीन अहमद और आसिफ मोहम्मद खान ने सोनिया गांधी से मुलाकात करके कहा है कि शीला दीक्षित के नेतृत्व में पार्टी चुनाव लड़ेगी तो ही इसका फायदा मिलेगा।
विधायकों ने तर्क दिया कि बतौर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 15 साल तक दिल्ली में कांग्रेस का कब्जा बनाए रखा। आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी सरकार के विकास कार्यों की तुलना आम आदमी पार्टी के 49 दिन की सरकार और राष्ट्रपति शासन से होगी।