फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi University: DUSU ऑफिस में हुई तोड़फोड़, अब कमेटी करेगी मामले की जांच; जानें क्या है माजरा

Mon, 15 Jul 2024 01:29 PM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डीयू ने इस पूरे मामले की जांच के लिए प्रॉक्टर की अध्यक्षता में गठित की चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी 7 दिन में अपनी रिपोर्ट डीयू प्रशासन को देगी।
विज्ञापन
डूसू ऑफिस में तोड़फोड़ मामला - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली विश्वविद्यालय ने बीती 13-14 जुलाई की रात को डूयू कार्यालय में हुई तोड़फोड़ के मामले पर एक्शन ले लिया है। डूयू ने इस मामले में एक जांच कमेठी बैठाई है। जो अब इस मामले की जांच करेगी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) पर डूसू कार्यालय पर हमले का आरोप लगाया था।

विज्ञापन

डूसू कार्यालय पर एनएसयूआई ने किया हमला: एबीवीपी
एबीवीपी ने कहा कि रविवार को डीयू के नॉर्थ कैंपस स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) के कार्यालय पर कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई से डूसू उपाध्यक्ष अभि दहिया सहित लगभग 40 एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने हमला किया। हमलावरों ने डूसू अध्यक्ष तुषार डेढ़ा का कार्यालय, विजिटर रूम, सचिव अपराजिता व सह-सचिव सचिन बैसला का कार्यालय तोड़ दिया। इस दौरान डूसू अध्यक्ष के कार्यालय में रखी प्रभु श्रीराम की मूर्ति भी टूट गई।

सुरक्षाकर्मी का दावा- डूसू उपाध्यक्ष के कमरे में बैठकर शराब पी
एबीवीपी के एक कार्यकर्ता ने दावा किया कि उन्हें एक सुरक्षाकर्मी ने बताया कि तोड़फोड़ से पहले एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने डूसू कार्यालय परिसर में पीछे की तरफ स्थित एनएसयूआई से डूसू उपाध्यक्ष के कमरे में बैठकर शराब पी। उन्होंने बताया कि एनएसयूआई, डीयू के बाहरी असामाजिक तत्वों द्वारा जिस प्रकार का कृत्य किया है, उसका हम विरोध करते है। 
विज्ञापन

दिल्ली पुलिस से की डूसू उपाध्यक्ष को गिरफ्तार करने की मांग
उन्होंने डीयू प्रशासन व दिल्ली पुलिस से मांग की कि इस पूरे घटनाक्रम में शामिल आपराधिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई हो। एबीवीपी दिल्ली के प्रदेश मंत्री हर्ष अत्री ने कहा कि एबीवीपी इस पूरे मामले में डीयू कुलपति व दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मिलेगी। मामले में शामिल डूसू उपाध्यक्ष अभि दहिया व अन्य लोगों को पुलिस तुरंत गिरफ्तार करे। साथ ही, विश्वविद्यालय प्रशासन डूसू उपाध्यक्ष को तुरंत उनके पद से हटाएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें