दिल्ली पुस्तक मेले की थीम ‘राष्ट्र निर्माण में पुस्तकें’ है। डिजिटल तकनीक के आने के बावजूद दिल्ली में पुस्तक मेले का लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं। बच्चों, युवाओं के लिहाज से मेला आकर्षक होगा।
दिल्ली पुस्तक मेला आजादी का अमृत महोत्सव और जी-20 के रंग में रंगा नजर आएगा। प्रकाशकों और प्रदर्शकों के लिए बी-टू-बी और आम पाठकों के लिए ज्ञान-विज्ञान का उत्कृष्ट प्लेटफार्म रहेगा। भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 29 जुलाई से दो अगस्त तक लगने वाले पुस्तक मेले में लोगों की फ्री एंट्री मिलेगी।
विज्ञापन
प्रगति मैदान के हॉल 11, 12 और 12ए में दिल्ली पुस्तक मेले आयोजित किया जाएगा। साथ में स्टेशनरी, ऑफिस ऑटोमेशन और कॉर्पोरेट उपहार मेला भी लगेगा, जिसमें उपहारों की भरमार रहेगी।
दिल्ली पुस्तक मेले की थीम ‘राष्ट्र निर्माण में पुस्तकें’ है। डिजिटल तकनीक के आने के बावजूद दिल्ली में पुस्तक मेले का लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं। बच्चों, युवाओं के लिहाज से मेला आकर्षक होगा। इनके लिए सेल्फी पॉइंट, खाने-पीने के स्टॉल, किताबों के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम, सम्मेलन, सेमिनार, कार्यशालाएं, पुस्तक विमोचन, लेखकों से मिलने का कार्यक्रम, पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। मेले में किताब व्यवसायियों को बी-टू-बी लेनदेन का अवसर मिलेगा, अनुवाद और कॉपी राइट की सुविधा, पुरानी व दुर्लभ पुस्तकों के पुनर्मुद्रण के लिए बेहतर मंच प्राप्त होगा। किताबों के व्यापार विस्तार, ब्रांड प्रचार और प्रकाशकों को अपनी छवि निर्माण के लिए एक बेहतर अवसर मिलेगा।
विज्ञापन
हाईटेक और बड़े आकार में आयोजित होगा मेला
आईटीपीओ की ओर से जानकारी दी गई है कि पीएम नरेंद्र मोदी की गतिशील दृष्टि से प्रेरित होकर दिल्ली पुस्तक मेले को हाईटेक और बड़े आकार में आयोजित किया जाएगा। इस बार मेला अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये आजादी के अमृत महोत्सव काल में आयोजित हो रहा। खासकर देश में इस समय जी-20 शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है।