ट्रेन के कोच की नंबर प्लेट गिरने या खराब होने की स्थिति में अब टीटी कागज पर मार्कर से लिखकर गोद से चिपकाएंगे, ताकि यात्रियों को समय रहते उनके कोच के बारे में पता चल सके।
गाजियाबाद जैसे अन्य स्टेशनों पर ट्रेनों का स्टापेज दो मिनट का है। साथ ही कई प्लेटफार्म पर कोच इंडिकेटर भी नहीं होते हैं। ऐसी स्थिति में यदि कोच की नंबर प्लेट ही खराब या टूटी हो तो परेशानी और बढ़ जाती है।
इसके मद्देनजर ट्रेन के टीटीई अपने पास कागज, मार्कर और गाेंद रखेंगे। ताकि जिस कोच की प्लेट खराब हो वहां पर टीटी कागज पर कोच नंबर लिखकर चस्पा कर सकें।
इससे यात्रियों को कोच ढूंढने में परेशानी नहीं होगी। बीती दिनों बारात घर में आयोजित शंटिंग मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली मंडल के सीनियर टीटीई अनिल मोहला के इस सुझाव को डीआरएम एके सचान समेत सभी ने मान लिया है।
अनिल मोहला ने बताया कि यात्रियों को कोच ढूंढने में परेशानी होती है। वह सामान लेकर पूरे प्लेटफार्म पर दौड़ लगाते हैं। ऐसे में कुछ की ट्रेन छूट जाती है तो कुछ का सामान। अब डीआरएम द्वारा जल्द ही इस नई व्यवस्था को लागू किया जाएगा।