प्रदेश भर के नगर निकायों के अध्यक्ष अब मनमानी नहीं कर सकेंगे। उन्हें भी जांच की आंच झेलनी पड़ेगी। नगर निगम, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में लगातार मिल रही भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सीएम कार्यालय से जांच बैठा दी गई है। मंडलायुक्त और डीएम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दरअसल, मुख्यमंत्री कार्यालय में निकाय अध्यक्षों की मनमानी और करप्शन की शिकायतें पहुंच रही हैं। आरोप है कि निकाय अध्यक्ष भी निर्माण कार्यों के भ्रष्टाचार में लिप्त है। ठेकेदारों का गलत भुगतान किया जा रहा है।
उनकी शिकायत पर सीएम कार्यालय से जांच के आदेश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी अजय कुमार सिंह ने सभी मंडलायुक्त और जिलों के डीएम को निकायों में ऐसे मामलों की जांच के आदेश दिए हैं।
उन्होंने जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। उधर, प्रभारी नगर आयुक्त डीके सिन्हा का कहना है कि फिलहाल ऐसे आदेश नहीं मिले हैं। उनका कहना है कि आदेश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।