राजधानी दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियां आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख मुद्दों में से एक है। ऐसे में यहां आप की सरकार बनने से पहले ही राजस्व विभाग ऐसी कॉलोनियों की स्टेटस रिपोर्ट तैयार करने में जुट गया है। विभाग कॉलोनियों के सर्टिफिकेशन से लेकर विकास कार्य तक की पूरी रिपोर्ट बना रहा है।
बता दें कि एक सर्वे के तहत दिल्ली में 1500 से ज्यादा अनधिकृत कॉलोनियों को चिह्नित किया गया था।
इसके बाद 895 कॉलोनियों को चिह्नित करने के बाद अधिसूचना जारी कर दी गई थी, लेकिन सरकार इनमें न तो विकास कार्य और न ही संपत्ति की रजिस्ट्री शुरू करा पाई।
आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने साफ कहा है कि जनलोकपाल, बिजली और पानी के बाद अनधिकृत कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।
अब राजस्व विभाग के अधिकारी इन कॉलोनियों में विकास कार्य क्यों शुरू नहीं हो पाए, इसकी रिपोर्ट तैयार करने में लगे हैं। राजस्व विभाग की ओर से सभी जिला उपायुक्त कार्यालयों से अपने जिले में अनधिकृत कॉलोनियों की स्टेटस रिपोर्ट तैयार करने के लिए कह दिया गया है।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अनधिकृत कॉलोनियों को अलग-अलग वर्ग में बांटा गया है। इसी वर्ष सरकार ने ए केटेगरी की अनधिकृत कॉलोनियों में रजिस्ट्री करने का आदेश दिया है।
लेकिन उसके लिए जो शर्तें रखी गई हैं, उसके लिहाज से एक भी कॉलोनी दिल्ली में मिलना मुश्किल है। कम्युनिटी विकास के लिए जमीन और चौड़ी सड़क होने जैसी शर्तें रखी गई हैं।