गुड़गांव से नूंह आई राज्य सतर्कता ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार को परिवहन विभाग के नूंह बस डिपो में सुबह कार्यालय खुलने के तुरन्त बाद औचक छापा मारा और कई सालों से डयूटी क्लर्क के तौर पर काम कर रहे एक परिचालक मोहमद इकबाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ काबू कर लिया।
आरोपी की जेब से विजिलेंस टीम के सदस्यों ने 3 हजार रुपए भी बरामद किए, जो कि कथित तौर पर एक चालक फजरूदीन, जो कि नूंह बस डिपो में ही तैनात है, से रिश्वत के तौर पर लिए गए थे।
विजिलेंस टीम ने आरोपी और शिकायतकर्त्ता को अपने साथ गुडगांव ले गई। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि विजिलेंस ने रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद शिकायकर्त्ता के संग नूंह बस डिपो में छापा मारा और उसके लिए इससे पूर्व डीसी अशोक सांगवान को सूचना देने के बाद इस धरपकड़ के लिए डयूटी मैजिस्ट्रेट के तौर पर नूंह के तहसीलदार बस्तीराम को लगाया गया।
सुबह नौ बजे के बाद यह छापा मारा गया। इस मामले पर देर शाम तक जीएम रोडवेज राजीव नागपाल का पक्ष ज्ञात नहीं हो पाया।
नूंह पुलिस को इस मामले में देर शाम तक विजिलेंस की ओर से आरोपी के विरुद्ध जांच रिपोर्ट व जरूरी कागजात नहीं मिले हैं।