हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में सिटीजन चार्टर के तहत फाइलों को निपटाना होगा। किसी फाइल के निपटाने में देरी होती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी रहेगी।
हुडा प्रशासक पीसी मीणा ने मंगलवार को बैठक में यह निर्देश जारी किए। सभी अधिकारियों को इस पर गंभीरता से काम करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायत रहती है कि उनके काम तय समय पर नहीं हो पा रहे।
यह हालात तब हैं, जबकि सिटीजन चार्टर लागू है। उन्होंने इस्टेट ऑफिसर समेत तमाम अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की फाइलों का तय समय में निदान होना चाहिए। उन्होंने पेंडिंग फाइलों का एक सप्ताह में पूरा रिपोर्ट मांगा है।
साथ ही इस संबंध में क्लर्क, अकाउंटेंट, जूनियर इंजीनियर, रिकार्ड कीपर समेत पब्लिक डिलिंग से जुड़े तमाम कर्मचारियों को भी चेतावनी जारी की है। बैठक में इस्टेट ऑफिसर वन सुरेंद्र सिंह, इस्टेट आफिसर टू नरेंद्र यादव, इस्टेट ऑफिसर रेवाड़ी विजय राठी, चीफ अकाउंट ऑफिसर राधेश्याम समेत तमाम विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यों की होगी समीक्षा
अब से प्रत्येक कर्मचारी के कार्य की समीक्षा होगी। फाइलों के निपटान में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों का एसीआर रिपोर्ट में उल्लेख किया जाएगा। किसी कर्मचारी को कोई दिक्कत आती है तो वह मदद मांग सकता है। इस्टेट आफिसर्स को फाइलों की निपटान प्रक्रिया पर नजर रखने के निर्देश दिए गए है। प्रत्येक शुक्रवार की शाम को सीट क्रमवार इसकी रिपोर्ट देने को कहा गया है।
ये भी निर्देश दिए
सिंगल विंडो पर ही फाइलों की जांच कर दुरुस्त करा लें। फाइल जमा होने के बाद रद् करने का अधिकार केवल इस्टेट ऑफिसर के पास होगा। अलॉटी को अब से गैर जरूरी नोटिस जारी नहीं किए जाएंगे। निर्माण अप्रूव बिल्डिंग प्लान के तहत नहीं हो रहा है तो संबंधित आर्किटेक्ट को नोटिस जारी किया जाए। इसमें अलॉटी या मालिक को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
ऑनलाइन करें शिकायत
हुडा प्रशासक ने अलॉटियों को राहत देने के लिए ईमेल आईडी भी जारी किया। ईमल आइडी स्वयं हुडा प्रशासक की निगरानी में रहेगी। बता दें कि अर्बन इस्टेट सहित रेवाड़ी, नारनौल और धारूहेड़ा भी हुडा प्रशासक गुड़गांव के दायरे में आ गया है।