फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेशनल हाइवे ने पलभर में छीन लीं टीना की खुशियां

Tue, 11 Feb 2014 08:49 PM IST
अमर उजाला, फरीदाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद की खस्ताहाल सड़कें हादसों को दावत दे रही हैं। सड़कों पर भरा पानी व गहरे गड्ढे रोजाना लोगों की जान से खेल रहे हैं लेकिन सरकारी अमला आंखे मूंद कर बैठा हुआ है।
विज्ञापन


शहर की अंदरूनी सड़कों के अलावा नेशनल हाईवे की भी दयनीय स्थिति है। अति व्यस्त हाईवे होने के बावजूद एनएच-2 का हाल खराब है।

यह भी पढ़ें:इलाज के लिए नहीं थे पैसे तो छोड़ दिया बेटी को

सोमवार रात नेशनल हाईवे पर गहरे गड्ढों के कारण हुए दर्दनाक हादसे में करीब तीन वर्ष के एक मासूम की जान चली गई, जब उसकी घायल मां गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। बच्चे के पिता ने अपने बेटे की मौत के लिए खस्ताहाल सड़क को जिम्मेदार ठहराया है।

घटना सोमवार रात करीब 10:30 बजे नेशनल हाइवे बाटा मोड़ स्थित राम नगर कॉलोनी के सामने हुई। सेक्टर-16 निवासी मनोज भारद्वाज ने बताया कि वह सोमवार शाम अपनी पत्नी टीना भारद्वाज और तीन वर्ष के बेटे पवित्र के साथ बल्लभगढ़ में एक सगाई समारोह में शामिल होने गए थे।
विज्ञापन


रात में बाटा फ्लाईओवर से उतर कर वह नेशनल हाईवे-2 पर पहुंचे और बाईं ओर मुड़ कर दिल्ली की ओर चलने लगे। वह थोड़ी दूर ही चले थे कि हाईवे पर अंधेरा था और गहरे गड्ढों में पानी भरा था। पानी भरा होने के कारण उनका स्कूटर अचानक उसमें फंसकर गिर गया।

इस घटना में उनका बेटा पवित्र दाईं ओर डिवाईडर पर गिरा जिससे उसके मुहं, सिर व सीने में गंभीर चोटें आई। उनकी पत्नी बाईं ओर गिर गई जिससे पीछे से आ रहे किसी अज्ञात वाहन ने उसके दोनों पैर कुचल दिए।

मनोज ने बताया कुछ राहगीरों की मदद से बेटे व पत्नी को सेंट्रल अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने पवित्र को मृत घोषित कर दिया जबकि परिजन बाद में टीना को फोर्टिस अस्पताल ले गए। टीना के दोनों पैरों का ऑपरेशन किया गया है, उसकी हालत अभी गंभीर है।

जांच अधिकारी का कहना है कि पीड़ित मनोज के बयान पर शिकायत दर्ज कर ली गई है। मृतक बच्चे का पोस्ट मार्टम करा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

पीड़ित ने दी सरकारी तंत्र को नसीहत
मृतक पवित्र के पिता ने एनएच-2 पर मौजूद गहरे गड्ढों को अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। बेटे का शव लेने बीके अस्पताल की मोर्चरी में आए मनोज ने सड़क बनाने वाले सरकारी विभागों को नसीहत दी है वह अपना काम ईमानदारी से करें। यदि हाईवे ठीक होता या वहां स्ट्रीट लाइट होती तो यह हादसा न हुआ होता।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें