लोक आस्था के महापर्व छठ के मौके पर यमुना किनारे घाटों सहित दिल्ली के तमाम जल कुंड, पोखर आदि पर हजारों श्रद्धालुओं ने अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर मंगल की कामना की। व्रतियों के परिजन अपने सिर पर प्रसाद से भरे दउरा और सूप लेकर घाटों पर पहुंचे। अब बुधवार तड़के घाटों पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी।
इस दौरान एहतियातन ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही वाहनों के मार्ग में बदलाव की अधिसूचना जारी कर दी है। उधर, मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की वजह से आईटीओ पुल पर वाहन रेंगते रहे।
हालांकि जाम से लोगों को बचाने के लिए पुलिस मुस्तैद दिखी। बीच-बीच में ट्रैफिक को रोककर कर पुलिस ने व्रतियों को आने जाने की सहूलियत प्रदान की। राजधानी के अलग-अलग घाटों पर नेताओं और एमसीडी के महापौर ने भी इस मौके पर पूर्वांचल के लोगों को शुभकामनाएं दी।
यमुना तीरे भक्तिमय हुआ माहौल
दोपहर से ही यमुना किनारे मिट्टी की वेदी तैयार करने के लिए जगह लेने की होड़ दिखी। सूर्य के अस्त होने का इंतजार कर रहे व्रतियों ने छठ मैय्या के गीत से यमुना तट पर माहौल भक्तिमय कर दिया। इस दौरान कई समूहों में बैंड और ढोल नगाड़ों की आवाज गूंजती रही। आस्था के इस पर्व के मौके पर श्रद्धालु और व्रती भक्ति में इतने लीन दिखे कि काफी दूर तक सिर पर प्रसाद का दउरा लेकर नंगे पांव चलते दिखे।
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पानी में खड़े होकर व्रतियों ने दिया अर्घ्य
बाजार में खरीददारी करती हुईं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को व्रतियों ने अस्तांचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिए। सूप में नारियल, गन्ना, ठेकुआ सहित कई और फल भी रखे हुए थे। अर्घ्य देने के लिए महिलाएं, पुरुषों सहित बच्चों में भी उत्सुकता देखने को मिली।
मोटर बोट के साथ साथ कर्मी भी रहे तैनात
छठ पर्व के दौरान अनहोनी की घटना पर काबू पाने के लिए दिल्ली के घाटों पर मोटर बोट की तैनाती की गई थी। जगह जगह पानी में मौजूद व्रतियों और श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण किसी भी तरह की दिक्कत न आए, इसके लिए पहले ही पुलिस, ट्रैफिक कर्मियों सहित अन्य विभागों की टीमें मुस्तैद रहीं।