आरोपपत्र में कहा गया है कि आरोपियों की सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का उपयोग करके पहचान की पुष्टि की गई है। उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं में 186 (लोक सेवक को सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालना), 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा), 353 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल) और 332 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) शामिल हैं। आरोपपत्र में 10 लोगों के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
30 मार्च को किया था हमला
30 मार्च को भाजपा युवा विंग के सदस्यों ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर केजरीवाल की टिप्पणी के विरोध में उनके आवास के बाहर हमला कर सरकारी संपत्ति को तोड़ दिया था। पेश सीसीटीवी फुटेज में कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस सुरक्षा घेरे से गुजरते हुए और बूम बैरियर को लात मारते हुए, सीसीटीवी कैमरों को लाठी से तोड़ते हुए, गेट पर पेंट फेंकते हुए और प्रवेश द्वार पर चढ़ने का प्रयास करते हुए नजर आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस ने सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करते हुए आरोपपत्र दायर करने की जानकारी दी थी।