फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फटे जूतों की घर बैठे होगी मरम्मत: प्रगति मैदान में मोची ऑन ह्वील्स ई-वाहन लॉन्च, हर शहर में होगी सुविधा

Mon, 08 Jan 2024 08:32 AM IST
अनुज कुमार आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के प्रगति मैदान में आत्मनिर्भर भारत उत्सव में सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट आगरा की आरंभिक परियोजना लॉन्च की गई है। मेले में सेटअप तैयार किया गया है। ई-वाहन पर नए और पुराने फुटवियर बनाने की पूरी तकनीक होगी। 
विज्ञापन
बूट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पुराने और टूटे फुटवियर को ठीक कराने के लिए मोची ढूंढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ई-वाहन पर सवार फुल तकनीक से लैस मोची खुद दरवाजे पर आएंगे। पुराने फुटवियर ठीक करेंगे और पैरों के सटीक नाप लेकर बिल्कुल साइज का फुटवियर तैयार कर देंगे।

विज्ञापन


पैरों की जितनी लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई और आर्च होगी उसके हिसाब से ही जूता तैयार हो जाएगा। इससे पैरों को आरामदायक महसूस होगा। प्रगति मैदान में चल रहे आत्मनिर्भर भारत उत्सव में सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट-आगरा ने अपनी इस आरंभिक परियोजना के तौर पर मोची ऑन ह्वील्स ई-वाहन लॉन्च किया है। जल्द ही ये देश वभिन्नि शहरों में घूमते नजर आएंगे। एमएसएमई मंत्रालय की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत ये पहल की गई है। 

Trending Videos

दरअसल, पीढ़ीगत मोची का काम करने वालों की संख्या तेजी से घट रही है। इस रोजगार के साथ युवाओं को स्मार्ट तरीके से जोड़ने के लिए एमएसएमई मंत्रालय ने योजना शुरू की है। इंस्टीट्यूट ने मेले में मोची ऑन ह्वील्स का पूरा सेटअप लगाया है। कैसे मोची पेड़ों के नीचे और गली की नुक्कड़ पर बैठकर जूते-चप्पल ठीक करते थे। अब संस्थान ने एक नया प्रयोग शुरू किया है। ये प्रगति मैदान के हॉल पांच में देख और समझ सकते हैं।

हर शहर में घूमेगी मोची ऑन ह्वील्स : सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट-आगरा के कनिष्ठ तकनीकी अधिकारी सुरेश चंद्र चौहान ने बताया, कि आने वाले समय में मोची ऑन ह्वील्स हर शहर में घूमते नजर आएंगे। एक दिन में करीब 100 किमी घूमेगा। मौजूदा समय संस्थान में 453 छात्र इसका प्रशिक्षण ले रहे।

खादी ग्रामोद्योग आयोग के अंतर्गत पूरे देश से 30 छात्र अलग चुनकर आए हैं। ये भी इसी का प्रशिक्षण ले रहे।
विज्ञापन

संस्थान में दो साल का कोर्स कराया जा रहा
मोची ऑन ह्वील्स चार्जिंग बैटरी से चलने वाला एक ई वाहन है, जिसपर स्ट्रिचिंग मशीन, सोल प्रेस मशीन, शू फिनिशिंग मशीन, सोल चिपकाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। इसके अलावा जूता बनाने का हर टूल्स भी है। संस्थान के फैकल्टी मनोज कुमार ने बताया कि युवाओं को इस पहल के अंतर्गत दो साल का कोर्स कराया जा रहा। युवा इसमें दिलचस्पी दिखा रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें