-बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में दसवीं की परीक्षाएं हुई थीं रद्द
-बारहवीं के छात्रों के लिए मूल्यांकन योजना अलग से जल्द जारी की जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मध्यपूर्व के सात देशों में दसवीं की परीक्षाएं रद करने के बाद परिणाम घोषित करने के लिए मूल्यांकन योजना जारी कर दी है। यह मूल्यांकन योजना अभी केवल दसवीं के छात्रों के लिए है। बारहवीं के छात्रों के लिए मूल्यांकन योजना जल्द जारी की जाएगी।
बोर्ड ने अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने सभी परीक्षाएं दी हैं, उनका परिणाम प्राप्त अंकों के आधार पर घोषित किया जाएगा। वहीं, जिन छात्रों ने केवल चार विषयों की परीक्षा दी हैं, उनके परिणाम में शेष विषयों के अंक उनके तीन सर्वश्रेष्ठ विषयों के औसत के आधार पर जोड़े जाएंगे। इसी प्रकार जिन छात्रों ने तीन विषयों की परीक्षा दी है, उनके बाकी विषयों के अंक दो सर्वश्रेष्ठ विषयों के औसत से निर्धारित किए जाएंगे। वहीं, जो छात्र केवल दो विषयों में शामिल हुए हैं, उनके शेष विषयों के अंक उन्हीं दो विषयों के औसत के आधार पर तय किए जाएंगे।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन्होंने 2025 या उससे पहले रजिस्ट्रेशन कराया था और एक या दो ही परीक्षा में बैठे, उनका रिजल्ट उनके वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर जारी होगा। यदि किसी की कोई परीक्षा छूट गई तो उन्हें अगली परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा।
परीक्षा केंद्र बदलने वालों का रिजल्ट वास्तविक प्रदर्शन पर
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसे विद्यार्थी जो मध्य पूर्व देशों से अपना परीक्षा केंद्र बदलकर अन्य देश में परीक्षा में शामिल हुए, उनका रिजल्ट उनके वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर ही तैयार किया जाएगा। बोर्ड के अनुसार, स्कूलों द्वारा अपलोड किए गए अंकों को ही अंतिम माना जाएगा।
पांच मार्च के सर्कुलर के तहत रद्द की गईं थीं परीक्षाएं
बोर्ड ने छात्रों को राहत दिया है कि अंक सुधारने के लिए वे दूसरी बोर्ड परीक्षा में भाग ले सकते हैं। बोर्ड की और से जारी अधिसूचना के अनुसार बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में दसवीं की मुख्य परीक्षाओं को 5 मार्च के सर्कुलर के तहत रद्द कर दिया गया था। हालांकि 17 फरवरी से 28 फरवरी के बीच आयोजित परीक्षाएं सफलतापूर्वक सम्पन्न हो चुकी हैं। इस दौरान गणित, अंग्रेजी और विज्ञान सहित कुल 6 अकादमिक विषयों, 16 भाषाओं और 22 स्किल विषयों की परीक्षाएं आयोजित हुई थीं।