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CBSE हल करेगा मैथ्स एग्जाम की परेशानी

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सीबीएसई बोर्ड एग्जाम में हुआ मैथ्स का पेपर स्टूडेंट्स के लिए परेशानी की वजह बन गया है। स्टूडेंट्स के मुताबिक पेपर काफी टफ लग रहा था, अगर नंबर कम आए तो उन्हें अच्छे कॉलेज में एडमीशन नहीं मिलेगा। जिस बात पर गंभीरता दिखाते हुए सीबीएसई कदम उठाने की कोशिश में है।
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आपको बता दें कि दिल्ली के 200 सीबीएसई स्कूल ने गणित के पेपर कठिन आने और अन्य पेपर्स में भारी बदलावों के बाद हरकत में आते हुए बोर्ड से अपील की थी, कि पेपर के मार्किंग स्कीम में पेपर चैक करते हुए कुछ राहत दी जाए, खासकर गणित के पेपर में।

बोर्ड के अधिकारियों ने कहा है कि स्कूलों द्वारा मुद्दा उठाए जाने पर मामला जानकारी में आ गया है। फिलहाल इसे विषय विशेषज्ञों के पास भेज दिया गया है।

पेपर पैटर्न बदलने से उड़े स्टूडेंट्स के होश

बोर्ड ने कहा है कि विषय विशेषज्ञों से आई सिफारिश के बाद इसकी मार्किंग स्कीम में बदलाव किया जा सकता है। बोर्ड के अधिकारियों ने ये भी कहा कि वो जल्द ही इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल्स से भी मुलाकात करेंगे।

आपको बता दें कि पेपर देने के बाद स्टूडेंट्स ने ये भी कहा था कि कि मैथ्स के पेपर में कैलकुलेशन काफी ज्यादा थी। पेपर काफी लंबा था। वहीं दूसरी ओर कुछ स्टूडेंट्स ने कहा कि पेपर में काफी बदलाव थे, जिस वजह से सैम्पल पेपर से बिल्कुल अलग थे।

एक स्टूडेन्ट के मुताबिक मैंने पिछले 10 साल के पेपर सॉल्व किए थे लेकिन पूरा पेपर हल नहीं कर पाई। वहीं मैथ्स टीचर्स के मुताबिक मैथ्स के पेपर में डिफिकल्टीज को पांच परसेन्ट तक बढ़ा दिया गया है।
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लोकसभा में गूंजा कठिन पेपर का ये मुद्दा

स्टूडेंट को लगता है कि अगर मैथ्स स्कोंरिंग पेपर है अगर इस पेपर में कम नंबर आए तो उन्हें बेहतर स्कूल में एडमीशन नहीं मिलेगा। ऐसे में बोर्ड ने बोर्ड परीक्षा के मैथ्स पेपर से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के कठिन पेपर की आवाज गुरूवार को लोकसभा में भी गूंजी थी। कांग्रेस के एक लोकसभा सदस्य ने मामले को सदन में उठाते इस मामले पर गंभीरता से विचार करने की बात कही।

केरल के एर्नाकुलम से कांग्रेस सांसद केवी थॉमस ने कहा कि इससे छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा।
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