नगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आवास विकास अलखनंदा अपार्टमेंट में रहने वाली सहायक आयुक्त औषधि उर्मिला अग्रवाल और उनके पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि दंपती अपने नाबालिग पुत्र को रात के समय कार चलाना सिखा रही थी, इस दौरान उन्होंने टक्कर मारकर कई कारों को क्षतिग्रस्त कर दिया। सहायक आयुक्त ने आरोपों को निराधार बताया है।
कोतवाली में दर्ज मुकदमे में दिल्ली रोड स्थित आनंद विहार के अलकनंदा अपार्टमेंट निवासी सुशील सिंघल ने बताया कि उनकी सोसाइटी में 23 जून 2024 की रात करीब 10 बजे हापुड़ में सहायक आयुक्त औषधि उर्मिला अग्रवाल अपने पति जितेंद्र अग्रवाल के साथ बैठकर अपने 10 वर्षीय पुत्र को सोसाइटी कैंपस में ही कार चलाना सिखा रही थी। इसी दौरान अचानक गाड़ी बैंक गियर में डालकर तेज गति से दौड़ा दी।
इस दौरान कैंपस में घूम रही महिलाएं और बच्चे बाल-बाल बच गए और यहां खड़ी कई कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। जिनमें उसकी हाल ही में खरीदी गई नई कार भी क्षतिग्रस्त कर दी। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सहायक आयुक्त ड्रग्स के प्रभाव और डर के कारण कोई भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत एसपी से की।
फिलहाल आरोपी अधिकारी का स्थानांतण लखनऊ हो चुका है। उनका कहना है कि आरोप निराधार हैं, मामले में किसी प्रकार की सत्यता नहीं है। एसपी ज्ञानेंजय सिंह ने कहा कि मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है।