सरकारी स्कूलों में शिक्षा में सुधार करने के लिए फिर से पीटीएम का दौर शुरू होने जा रहा है। पांच अक्तूबर को यहां शिक्षक-अभिभावकों की मीटिंग होगी।
इस दौरान विद्यार्थियों की परफॉरमेंस का मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही जो भी कमी होगी, टीचर अभिभावकों के साथ चर्चा करके दूर करेंगे।
स्कूलों में पीटीएम आयोजित किए जाने को लेकर मौलिक शिक्षा विभाग के निदेशक ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भी लिखा है।
विभाग ने दिशा-निर्देश दिए हैं कि मीटिंग में सभी एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) सदस्य और अभिभावकों को बुलाया जाए। अभिभावकों की डायरी के माध्यम से अभिभावकों को पहले इसकी सूचना दी जाए।
बच्चों को निर्देश दिए जाएं कि जो नोट टीचर द्वारा लिखा गया है, उस पर अभिभावक के हस्ताक्षर कराकर लेकर आएं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अभिभावकों तक सूचना पहुंच चुकी है।
मीटिंग में अभिभावकों के लिए पेयजल, बैठने और पंखे की उचित व्यवस्था की जाए। इतना ही नहीं मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा आदि के माध्यम से मुनादी भी कराई जाए। स्कूल के बाहर 10 पोस्टर लगाए जाएं।
इसके अलावा बस अड्डा, बाजार, मंदिर में भी पोस्टर लगाए जाएं। बच्चों की पढ़ाई के अलावा उनकी किस क्षेत्र में रुचि है और वह किस-किस क्षेत्र में आगे बढ़ सकता है।
इसकी चर्चा भी होगी। सभी स्कूल में पीटीएम एजेंडे के अनुसार हो रही है अथवा नहीं, इसकी निगरानी के लिए के लिए अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो रिपोर्ट बनाकर देगा। स्कूलों का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा।