हाईकोर्ट में सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को लिखित व ऑनलाइन दोनों प्रणाली से लेने का निर्देश देने की मांग करते हुए जनहित याचिका दायर की गई है। अदालत ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने गिरिराज सिंह व अशोक कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया है।
याची की मांग है कि परीक्षार्थियों के पास दोनों लिखित व ऑनलाइन परीक्षा देने का विकल्प होना चाहिए। वे जिस प्रणाली में चाहे परीक्षा देने के विकल्प का स्वयं चयन कर सकें।
केवल ऑनलाइन परीक्षा होना समानता के अधिकारों का उल्लंघन है। याची का तर्क है कि बड़ी संख्या में छात्र देहात इलाके से आते हैं। जिन्हें कंप्यूटर के बारे में मूलभूत जानकारी भी नहीं होती है। ऐसे में कुछ परीक्षाओं में केवल ऑनलाइन परीक्षा होना गलत है। वहीं, जेईई व एआइईईई में दोनों प्रणाली में परीक्षाएं ली जाती हैं।