दिल्ली विश्वविद्यालय में एमएससी व पीएचडी स्तर पर जुलाई में शुरू होने वाला कैंसर जीव विज्ञान और संक्रामक रोग कोर्स फाइलों में अटक कर रह गया है। पहले यह कोर्स जनवरी से फिर जुलाई से शुरू करने की बात थी।
लेकिन इस साल इस कोर्स के शुरू होने की संभावना कम ही है। ऐसे में छात्रों इस कोर्स के अंतर्गत एमएससी व पीएचडी करने वाले छात्रों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में इस कोर्स को शुरू करने के लिए बीते साल दिसंबर में खाका तैयार कर लिया गया था। लेकिन कुछ देशी व विदेशी संस्थानों से बातचीत की प्रक्रिया पूरी न हो सकने के कारण इसे जुलाई में शुरू करने की योजना बनाई गई।
अब जुलाई बीत जाने के बाद भी यह फाइलों में फंस कर लटक गया है। इस को लेकर समय-समय पर बैठकें होती है लेकिन योजना पर अमली जामा पहनाने में देरी हो रही। इस साल शुरू होगा या अगले साल इस विषय पर डीयू अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि कुलपति इस कोर्स को शुरू करने में जल्दबाजी नहीं चाहते हैं।
लिहाजा इस कोर्स के खाके को बेहतर करने की दिशा में काम किया जा रहा है। जिससे कि इसमें दाखिला लेने पर छात्रों को कैरियर के बेहतर विकल्प मिले। उल्लेखनीय है कि डीयूका (सीआईसी) पीएचडी व एमएससी स्तर पर पांच वर्षीय इंटग्रेटिड कैंसर जीव विज्ञान और संक्रामक रोग शुरू करने के लिए खाका तैयार कर चुका है।
इंटग्रेटिड होने के कारण इस कोर्स में डीयू के12 अलग-अलग विभागों ने सहयोग किया है। वहीं इस कोर्स के लिए विदेशी संस्थानों में जाकर रिसर्च करना भी शामिल है ऐसे में विदेशी संस्थानों से भी संपर्क साधा जा रहा है।
मालूम हो कि साइंस की किसी भी शाखा केछात्र इस कोर्स की पढ़ाई कर सकेंगे। इस कोर्स को इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है जिससे किइसमें दाखिला लेने वाला छात्र गणित, यूनानी, बॉयोलॉजी, आयुर्वेद, बॉयो टेक्नॉलॉजी, होम्योपैथी, की जानकारी हासिल कर सकें। अब देखना होगा कि इस कोर्स को लेकर छात्रों का इंतजार कब तक समाप्त हो पाता है।