एमिटी लॉ स्कूल में परीक्षा में बैठने के लिए 75 फीसदी उपस्थित अनिवार्य रखने के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने याचिका को किसी अन्य पीठ के समक्ष ट्रांसफर करते हुए सुनवाई के लिए 5 सितंबर की तारीख तय की है। याचिका दिव्यदीप चतुर्वेदी ने दायर की है।
याची के अनुसार, स्कूल प्रशासन सभी छात्रों से हलफनामा ले रहा है कि अगर उनकी किसी विषय में 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति होगी तो उन्हें अंतिम सत्र की परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
याची का दावा है कि कम उपस्थिति के चलते एक छात्र को छठे सेमेस्टर में बैठने की अनुमति न मिलने से उसने खुदकुशी कर ली थी।