अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के बयान से शहर के कॉल सेंटरों में कार्यरत युवा काफी नाराज हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप का यह बयान बचकाना है।
उन्हें इस प्रकार का सार्वजनिक बयान नहीं देना चाहिए था। इस सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है ट्रंप शुरू से ही भारत में अमेरिका से हो रही आउटसोर्सिंग के खिलाफ हैं।
साइबर सिटी बीपीओ-कॉल सेंटर का बड़ा हब है। यहां 700 से अधिक कॉल सेंटर हैं। इन सभी को अमेरिका से सबसे अधिक काम मिलता है। अमेरिका में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार इस समय बड़ा मुद्दा है।
यही कारण है कि ट्रंप अमेरिका के लोगों की इसी भावना को भुनाने के लिए कॉल सेंटरों के खिलाफ आग उगल रहे हैं। इंटरनेशनल प्राइम कॉल कंसल्टेंसी की एचआर डायरेक्टर विनीता यादव ने कहा कि ट्रंप द्वारा भारतीय कॉल सेंटरों का मजाक उड़ाना ठीक नहीं है।
ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय कॉल सेंटर कर्मी के बात करने के लहजे का मजाक उड़ाया था। इससे गुड़गांव के कॉल सेंटरों में कार्यरत कर्मचारियों में काफी गुस्सा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के विकास में भारत के लोगों का बहुत बड़ा योगदान है।
ऐसे में यहां के कॉल सेंटर का मजाक उड़ाना ठीक नहीं है। एक कॉल सेंटर में अधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि ट्रंप का बयान चुनावी मुद्दा है। वह शुरू से ही भारत में हो रही आईटी-बीपीओ कंपनियों के आउटसोर्सिंग से काफी खफा हैं। यही कारण है उन्होंने कॉल सेंटरों पर कटाक्ष किया है। मगर वह यह नहीं जानते हैं कि आउटसोर्सिंग करना वहां के कंपनियों की मजबूरी है।