शादी समारोह में आइसक्रीम न परोसने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने होटल प्रबंधन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। फोरम ने होटल प्रबंधन को आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये का भुगतान 9 प्रतिशत ब्याज के साथ करे।
सेक्टर-7 निवासी रमेश चंद्र सरदाना ने अपनी बेटी की शादी के लिए चार जुलाई, 2014 की महरौली रोड स्थित ग्रीनविले होटल बुक कराया था। उन्होंने वेजिटेरियन रॉयल मेन्यू के मुताबिक खाने का ऑर्डर दिया था, जिसमें आइसक्रीम भी शामिल थी।
इसके लिए होटल प्रबंधन को अग्रिम भुगतान किया गया था। इसके बावजूद शादी समारोह में मेन्यू के अनुसार आइसक्रीम शामिल नहीं थी और प्लेट काउंटिंग में भी गड़बड़ी की गई। जब इस पर उन्होंने होटल प्रबंधन से बात की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
पीड़ित ने पिछले वर्ष 5 फरवरी को फोरम में न्याय की गुहार लगाई कि होटल द्वारा लिए गए अतिरिक्त 4 लाख रुपये उसे वापस दिलवाए जाएं, जो कि उन्होंने प्लेट की गलत काउंटिंग करने और आइसक्रीम के लिए चार्ज दिए हैं।
फोरम ने होटल को नोटिस भेजकर पक्ष रखने के लिए कहा। होटल प्रबंधन ने कहा कि ऑपरेशन और मैनेजमेंट मैसर्स एस के हॉस्पिटेलिटी सर्विस को 18 अक्टूबर 2013 से 1 अगस्त 2014 तक दिया था। इसकी पूरी जिम्मेदारी उनकी है।
इसके लिए उन्हें केवल रेंट मिलता है। इसके लिए उन्होंने मैसर्स एस के हॉस्पिटलेलिटी सर्विस से कोई शिकायत नहीं की। फोरम ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद फोरम के अध्यक्ष सुभाष गोयल, मेंबर ज्योति सिवाच व सुरेंद्र सिंह बाल्यान ने होटल प्रबंधन को आदेश दिया कि वह समारोह में आइसक्रीम सर्व न करने पर शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये का भुगतान करे। यह भुगतान फोरम में शिकायत दर्ज करने से पेमेंट रिलीज करने तक 9 प्रतिशत दर के साथ करना होगा।