आजाद ने बताया कि नसीम ने सत्य निकतेन में दो महीने पहले काम करना शुरू किया था। इसके लिए बिहार से इन मजदूरों को लाया गया था। ये मजदूर इमारत में ही रहते थे। ताकि अवैध निर्माण की जानकारी लोगों को न लगे।
मृतक नसीम अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। उसके परिवार में पत्नी रिजवानी के अलावा चार बेटी व तीन वर्ष का एक बेटा है। चारों बेटी स्कूल जाती हैं। नसीम के भाई आजाद ने बताया कि उसकी भाभी गांव में छोटा-मोटा काम करती है। नसीम के दिल्ली आने के बाद भाभी ने काम करना बंद कर दिया था। इसके बाद नसीम घर में अकेला काम करने वाला रह गया था। नसीम दो महीने पहले ही दिल्ली आया था। भाई ने बताया कि वह दिल्ली नहीं आना चहाता था, मगर ठेकेदार रईस नसीम को अतिरिक्त मजदूरी देने का वादा कर उसे दिल्ली ले आया था। नसीम के परिवार पर दुखों को पहाड़ टूट पड़ा है।
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सत्य निकेतन में दो महीने पहले काम करना शुरू किया था
आजाद ने बताया कि सत्य निकतेन में दो महीने पहले काम करना शुरू किया था। इसके लिए बिहार से इन मजदूरों को लाया गया था। ये मजदूर इमारत में ही रहते थे। ताकि अवैध निर्माण की जानकारी लोगों को न लगे। इमरान अपने चाचा नसीम के साथ खाना खाता था। इमरान कुछ दूरी पर रहता है और मजदूरी करता है। वह सोमवार दोपहर को करीब 1.40 बजे नसीम के पास खाना खाने पहुंचा था। वहां पहुंचकर उसे हादसे की जानकारी हुई। इमरान ने आजाद व गांव में हादसे की जानकारी दी।