सीपीसीबी के अनुसार, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 285.7 और पीएम2.5 की मात्रा 162.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी।
नई दिल्ली।
राजधानी में स्थानीय कारकों के चलते एक बार फिर दिल्लीवासियों की सांसों पर संकट है। ऐसे में बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 339 दर्ज हुआ जो कि हवा की खराब श्रेणी है। इसमें मंगलवार की तुलना में 67 सूचकांक की वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी ओर, एनसीआर में गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 363 दर्ज की गई जो कि हवा की बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, नोएडा में 351, गुरुग्राम में 334 और ग्रेटर नोएडा में 352 एक्यूआई दर्ज हुआ। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 200 दर्ज किया गया। यह हवा की मध्यम श्रेणी है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 13.11 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 11.34, आवासीय इलाकों से 3.33, निर्माण गतिविधियों से 2.39 और कूड़ा जलाने से होने वाले प्रदूषण की 1.33 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, बुधवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1350 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 8500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 285.7 और पीएम2.5 की मात्रा 162.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि बृहस्पतिवार को हवा खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इससे लोगों को प्रदूषण से थोड़ी राहत मिल सकती है।