असम पुलिस को मिजोरम के सांसद वनलीलावेना उनके सरकारी आवास 28 मीना बाग मौलाना आजाद रोड, तुगलक रोड पर नहीं मिले। असम पुलिस उनके सरकारी आवास पर पूछताछ में शामिल होने के लिए 41 सीआरपीसी का नोटिस चस्पा कर चली गई। असम पुलिस ने सांसद को एक अगस्त को सुबह 11 बजे पूछताछ में शामिल होने को कहा है। असम पुलिस के साथ नई दिल्ली जिले की तुगलक रोड थाना पुलिस थी। सांसद ने बॉर्डर विवाद को लेकर विवादस्पद व भड़काऊ भाषण दिया था।
गौरतलब है कि असम-मिजोरम पुलिस बलों के बीच हुई हिंसक झड़प में असम पुलिस के 6 जवान और एक आम नागरिक की मौत हो गई थी। कछार जिले स्थित लाइन रिजर्व फॉरेस्ट एरिया में बढ़ी झड़प में 45 लोग घायल हुए थे। संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान के वनलालवेना ने कहा 200 से ज्यादा असम पुलिसवाले क्षेत्र में घुसे और उन्होंने हमारे पुलिसकर्मियों को हमारी ही चौकियों से हटा दिया और हमारी तरफ से गोली चलाने से पहले उन्होंने ही पहले गोली चलाने के आदेश दिए थे। वे भाग्यशाली थे कि हमने उन्हें मारा नहीं। अगर वे दोबारा आएंगे, तो हम उन्हें खत्म कर देंगे। इस पर असम पुलिस ने कहा कि ऐसे बयान षड्यंत्र में उनकी सक्रिय भूमिका के संकेत देते है।
असम पुलिस शुक्रवार को दिल्ली स्थित सांसद वनलीलावेना के सरकारी आवास पर पहुंची। सांसद अपने आवास पर नहीं थे। इसके बाद असम पुलिस ने उनके आवास के गेट पर नोटिस चिपका दिया। नोटिस में कहा गया है कि बार्डर विवाद मामले में आपने जो धमकी वाला बयान दिया है वह असम की पुलिस व नागरिकों को धमकी दी है। ऐसे में आपको जांच में शामिल होना है।