फूट-फूटकर रोया बचपन का साथी, कहा– कभी ऐसा सोचा नहीं था
मृतक संजय यादव का एक दोस्त जैसे ही पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा तो जमीन पर बैठकर फूट-फूटकर रोने लगा और कहा कि बचपन से वो साथ रहा, एक साथ घूमे भी, कभी सोचा नहीं था ऐसा हो जाएगा। इस दौरान अन्य साथी उसे संभालते हुए नजर आए।
ऐसे तो दुश्मन भी नहीं मारता...
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे बचपन के साथी आपस में बातचीत करते वक्त बोले कि इतनी बुरी मौत तो किसी का दुश्मन भी नहीं सोचता, हत्या करने वाले संजय के दोस्त नहीं हो सकते, उन्हें आजतक कभी नहीं देखा, न ही कभी उनके बारे में सुना था।
मां अब कभी नहीं मनाएंगी होरी
पोस्टमॉर्टम हाउस में दोस्तों ने एक दूसरे से बातचीत के दौरान बताया कि मृतक संजय यादव के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है। उन्हें कैसे संभाला जाए? घटना के अगले दिन गुरुवार को अष्टमी के दिन बेटे की दीर्घायु के लिए मनाए जाने वाले त्योहार होरी की तैयारी में उनकी मां जुटी हुईं थीं। व्रत भी रखना था। लेकिन, सुबह जब मां ने अपने बेटे की मौत की घटना सुनी तो वह स्तब्ध रह गईं। उन्हें नहीं पता था कि जिसके लिए वह होरी त्योहार की तैयारी कर रही हैं वह इस तरह उन्हें छोड़कर चला जाएगा।
दोस्त बोले– दोषियों का हो एनकाउंटर
पोस्टमॉर्टम हाउस में आपस में बात करते वक्त साथी बोले कि जिस तरह उनके मित्र मृतक संजय की हत्या हुई है, दोषियों का एनकाउंटर होना चाहिए। बुरी से बुरी सजा मिलनी चाहिए।
दोस्तों ने बताई हत्या की वजह
दोस्तों ने बताया कि हिरासत में लिए गए आरोपियों ने कबूला है कि गहने, पैसे के लेनदेन में सुबह चार बजे ही हत्या कर दी थी, हत्या के बाद मृतक संजय जो जो सोने-चांदी के गहने पहने थे सब लूट लिए थे, जो आरोपियों के पास से बरामद हुए हैं।