पहले चरण के बाद तमाम प्रयासों के बावजूद दूसरे चरण में भी रविवार को चुनाव में खूनी संघर्ष हुआ। दो गांवों में चुनाव हिंसा हुई। फर्जी मतदान कराने पर रोकने के प्रयास से तनातनी शुरू हुई और खूनी संघर्ष में बदल गया। बूथ पर पथराव हुआ। जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। झगड़ा के बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला। उसके बाद चुनाव शांतिपूर्ण रहा।
फिरोजपुर झिरका खंड के गांव चित्तौड़ा में दो पक्षों में उस समय तनातनी हो गई जब एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के लोगों को फर्जी वोट डालने से रोका था। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ है जिसमें एक पक्ष के करीब आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। वहीं चुनाव में हिंसा का दूसरा मामला गांव बदोपुर में देखने को मिला जहां भी फर्जी वोटिंग को लेकर दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ और लाठियां चली।
दोनों और से हुए इस खूनी संघर्ष में एक महिला सहित दो अन्य लोग घायल हो गए। घायल लोगों को सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। दोनों गांवों में झगडे़ के बाद पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया। दोनों गांवों में पुलिस छावनी के बीच मतदान कराया गया।
गांव चित्तौड़ा में जब एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के लोगों को फर्जी मतदान करते समय रोक डाला। इस बीच दूसरे पक्ष के लोग भड़क गए और पीडित पक्ष पर लाठी डंडों से हमला बोल दिया। इस दौरान लाठी डंडों से घायल हुए गांव के दीन मोहमद पुत्र सुबान खां और जाकिर व मुस्तफा तथा दीन मोहमद पुत्र मौज खां को गंभीर चोटे आई हैं।
वहीं दूसरा मामला गांव बदोपुर के मतदान केन्द्र का है जहां सुबह से दोपहर तक शांतिपूर्वक मतदान चल रहा था लेकिन दोपहर बाद वहां भी कुछ लोगों द्वारा फर्जी तरीके से मतदान किए जाने लगा जिसका पीड़ित पक्ष के लोगों ने विरोध किया तो उक्त दबंग लोगों ने पथराव कर दिया। नूरी नाम की महिला सहित दो अन्य लोग घायल हो गए। घायल महिला और अन्य दो व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मोर्चा संभाला और दोनों पक्षों को शांतिपूर्वक मतदान के लिए समझाया बुझाया।
फिरोजपुर झिरका के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिंमाशु गर्ग ने कहा कि दोनों गांवों में पुलिस बल के अतिरिक्त जवान तैनात कर दिए गए हैं। स्थित अब तनावपूर्ण नहीं हैं दोनों गांव में शांतिपूर्ण मतदान करा दिया गया है।