नोएडा प्राधिकरण का फर्जी दफ्तर खोलकर फ्लैट आवंटन का काला कारोबार चलाया जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण ने खुद फर्जीवाड़े को पकड़कर इसकी सूचना गौतमबुद्ध नगर के एसएसपी को दी है। अब एसएसपी की टीम मामले की जांच कर रही है। एसएसपी ने कहा कि जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करके आरोपियों को दबोचा जाएगा।
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण ने झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास योजना लांच की है। इसमें झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों को सेक्टर-122 में फ्लैट दिए जा रहे हैं। फ्लैट का आवंटन उन्हें ही किया जा रहा है जिन्होंने इस योजना में आवेदन किया है, लेकिन यहां हालात ठीक उलट हैं।
फर्जीवाड़ा करने वाले तुरंत फ्लैट दिलाने का दावा कर गरीबों को झांसे में लेकर ठगी का प्रयास कर रहे हैं। गिरोह की ओर से एक मोबाइल भी नंबर जारी किया गया है। जिस पर संपर्क करने पर बाकायदा फ्लैट दिलाने का दावा किया जा रहा है।
फ्लैट के लिए लाखों रुपये में सौदेबाजी भी हो रही है। सेक्टर-64 में मौके पर एक व्यक्ति ने बताया कि लोगों को झांसा देने के लिए वहां प्राधिकरण का फर्जी तरीके से पूरा सेटअप तैयार किया गया है। इससे ऐसा लगता है कि यह प्राधिकरण का ही दफ्तर है। वहां काम करने वाले भी प्राधिकरण की परंपरागत ड्रेस में नजर आ रहे हैं। इससे आम आदमी तुरंत झांसे में आ रहे हैं।
झुग्गी-झोपड़ी वाले सेक्टरों में किया जा रहा संपर्क
सूत्रों के मुताबिक , झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले उन सेक्टरों के लोगों से ठग संपर्क साध रहे हैं, ताकि फ्लैट दिलाने के नाम पर झांसे में लिया जा सके। कई लोग झांसे में आकर वहां तक जा चुके हैं। उनसे पंजीकरण के नाम पर हजारों रुपये लेने की बात भी सामने आ रही है।
स्टिंग से मामले की हुई है तहकीकात
मोबाइल फोन और मौके पर जाकर एक स्टिंग किया गया तो मामले की पुष्टि हुई। पुलिस और प्राधिकरण इस मामले में आरोपियों की धरपकड़ के लिए प्रयासरत हैं। पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करेगी।
कहीं दूसरे कार्यों के लिए भी तो नहीं हो रहा फर्जीवाड़ा
नोएडा प्राधिकरण कई तरह के आवंटन और विकास कार्यों के लिए कवायद करता रहा है। आशंका है कि झुग्गी झोपड़ी के फ्लैट आवंटन के अलावा दूसरी योजनाओं में भी इस तरह की ठगी की कोशिशें चलती होंगी। इस बाबत प्राधिकरण की ओर से जांच की जा रही है।
ऐसे होता है नियमों के तहत फ्लैट का आवंटन
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक कई वर्ष पहले झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास योजना के तहत योजना निकाली गई थी। इसमें फिलहाल सेक्टर-4 की झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले परिवारों से आवेदन मांगा गया था। इसके अलावा कोई योजना नहीं निकाली गई है। धीरे-धीरे अन्य सेक्टरों की झुग्गियों में रहने वाले लोगों को बुलाया जाएगा। किसी अन्य तरीके से इन्हें फ्लैटों का आवंटन कभी नहीं हो सकता है। अगर कोई ऐसा कर रहा है तो यह पूरी तरह से ठगी है।
पहले भी प्राधिकरण के चौकीदार ने चलाया था काला कारोबार
वर्ष 2015 में नोएडा प्राधिकरण के चौकीदार नितिन राठी का भी काला कारनामा सामने आया था। वह खोड़ा के आलीशान ऑफिस में बैठकर प्लॉट व फ्लैट के नाम पर वसूली करता था। नोएडा के एक मशहूर मॉल के नाम पर खोड़ा में बनी इमारत में नितिन राठी ने अपना आलीशान दफ्तर बनाया हुआ था। राठी व उसके साथी प्लॉट और फ्लैट दिलाने के नाम पर लोगों को झांसे में फंसाकर इसी ठिकाने पर लाते थे।
इस पूरे मामले में उसके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) की बड़ी भूमिका थी। नोएडा में आशियाने का सपना देखने वाले कई परिवारों के सपने राठी ने चूर-चूर कर दिया था। लोगों ने जिंदगी भर की जमा पूंजी इकट्ठी कर नितिन राठी की जेब भरी, लेकिन आशियाना तो मिला नहीं और पैसा भी डूब गया।
फर्जीवाड़े के कई अन्य मामले आ चुके हैं सामने
शहर में तरह-तरह के फर्जीवाड़े सामने आ चुके हैं। कॉल सेंटर के नाम पर फर्जीवाड़े से लेकर नौकरी लगवाने तक के कई मामले सामने आ चुके हैं। अब नोएडा प्राधिकरण का ही फर्जी दफ्तर खोलकर जालसाज सरकार को ठग रहे हैं।
कंप्यूटर व लैपटॉप में वायरस के नाम पर भी नोएडा के कई फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। पोंजी स्कीम, नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी जैसे मामलों के सैकड़ों उदाहरण हैं। हाल ही में बाइक बोट के नाम पर लोगों से 15 सौ करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है।
प्राधिकरण को इस तरह की गतिविधियों की सूचना मिली है। मामले को पुलिस के संज्ञान में लाया गया है। पुलिस जांच कर रही है।
- आलोक टंडन, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण
प्राधिकरण की तरफ से फ्लैट आवंटन को लेकर फर्जीवाड़े की शिकायत मिली है। इस मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद इस मामले में मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा और इस फर्जीवाड़ा का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- वैभव कृष्ण, एसएसपी