आठ सदस्यीय कमेटी नहीं बना सकी सहमति, पैनल भेजा गया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
प्रदेश भाजपा में एमसीडी के महापौर और उपमहापौर पद के उम्मीदवारों को लेकर अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। प्रदेश स्तर पर गठित आठ सदस्यीय समिति किसी एक नाम पर सहमति बनाने में नाकाम रही, जिसके बाद अब अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान पर छोड़ दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, समिति के सभी सदस्यों ने अपनी-अपनी पसंद के पार्षदों के नाम प्रस्तावित किए, लेकिन किसी भी नाम पर सर्वसम्मति नहीं बन सकी। इस गतिरोध के चलते समिति ने संभावित उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है। आलाकमान की ओर से जल्द ही निर्णय ले सकता है। दरअसल एमसीडी चुनाव प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों के नामांकन बृहस्पतिवार तक जमा किए जा सकते हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि बृहस्पतिवार दोपहर तक उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए जाएंगे।
बताया जा रहा कि पार्टी के भीतर अलग-अलग गुट सक्रिय हैं और हर नेता अपने समर्थक को महापौर बनवाने की कोशिश में जुटा है। यही कारण है कि समिति स्तर पर सहमति बनाना मुश्किल हो गया। हालांकि, पार्टी नेतृत्व इसे सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है। एमसीडी में भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है, जिससे महापौर और उपमहापौर दोनों पदों पर उसके उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। इसी कारण इन पदों के लिए पार्टी के भीतर प्रतिस्पर्धा भी काफी बढ़ गई है। अब सभी की नजरें भाजपा आलाकमान के फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि एमसीडी की कमान किन चेहरों को सौंपी जाएगी। माना जा रहा है कि उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखा जाएगा।