दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में खिलाड़ियों को हटाकर एक अधिकारी के द्वारा कुत्ता घुमाने के मामले में राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल सरकार खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन इस घटना के सामने आने से यह साबित हो गया है कि खिलाड़ियों के नाम पर सरकार के अधिकारी मौज कर रहे हैं। भाजपा ने इस अधिकारी का मानसिक स्वास्थ्य चेक किए जाने की मांग की है। वहीं, दिल्ली सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्टेडियम को रात दस बजे तक खिलाड़ियों के लिए खोले जाने का आदेश दे दिया है।
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि सरकार प्रदेश में खेल को प्रोत्साहन देने के नाम पर भी केवल अपना प्रचार करती रही है, जबकि अब तक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का कहीं नामोनिशान नहीं है। दिल्ली के लोग अब तक नहीं जानते कि यह स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी कहां बन रही है। लेकिन इसके नाम पर अधिकारियों की सेवा की जा रही है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि कुत्ता घुमाने की घटना भी खेल और खिलाड़ियों के प्रति सरकार के रवैये का प्रमाण है और सरकार को इस पर सफाई देनी चाहिए।
खिलाड़ियों के लिए प्रतिबद्ध है सरकार
वहीं, दिल्ली सरकार के नियंत्रण में आने वाले त्यागराज स्टेडियम में एक अधिकारी द्वारा कुत्ता घुमाने की घटना सामने आने पर सरकार तुरंत हरकत में आई और आनन-फानन में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने स्टेडियम को रात दस बजे तक खिलाड़ियों के लिए खोले जाने का आदेश जारी कर दिया। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार प्रदेश में खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और दिल्ली जल्द ही खेल के मामले में देश का नाम ऊंचा करेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच की जाएगी।
क्या है घटना?
आरोप है कि दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले त्यागराज स्टेडियम में खिलाड़ियों को मैदान से केवल इसलिए बाहर कर दिया जाता था, जिससे एक अधिकारी वहां पर अपने कुत्ते के साथ सैर कर सकें। इस मामले में दिल्ली सरकार के प्रमुख सचिव (राजस्व) संजीव खिरवार को आरोपित बताते हुए कहा जा रहा है कि उनके निर्देश पर स्टेडियम के सुरक्षा गार्ड खिलाड़ियों को जबरन मैदान से बाहर कर देते थे। इसके बाद अधिकारी और उनके कुछ साथी मैदान पर ईवनिंग वॉक करते थे। अधिकारियों की इस लापरवाही के बाद खिलाड़ियों ने इसकी सूचना मीडिया के कुछ लोगों को दी और यह मामला सुर्खियों में आ गया।