भाजपा सांसद रमेश विधूड़ी के बिगड़े बोल और अमर्यादित आचरण ने बुधवार को लोकसभा में पार्टी और सरकार की फजीहत करा दी। विधूड़ी को न केवल खुद माफी मांग कर फजीहत झेलनी पड़ी, बल्कि सरकार को पूरे मामले में खेद जता कर शर्मसार होना पड़ा।
इस सब के अलावा विधूड़ी की हरकत के कारण शांत होते दिख रहे शिवसेना सांसदों का रोजदार मुस्लिम कर्मी को जबरन रोटी खिलाने के मामले ने तूल पकड़ लिया।
यही नहीं सांसद विधूड़ी ने विपक्षी सांसदों को पाकिस्तान जाने की नसीहत भी दे डाली।
...वरना सदन के भीतर हो जाती मारपीट
दरअसल इस मामले में हंगामे के दौरान विधूड़ी ने न केवल विपक्षी सांसद असादुद्दीन ओवैसी को पाकिस्तान जाने की नसीहत देने के बाद बेहद उत्तेजित मुद्रा में अपनी सीट छोड़ कर ओवैसी और राजद सांसद पप्पू यादव की ओर बढ़े।
इसी बीच पलक झपकते ही केंद्रीय मंत्री अनंत गीते ने विधूड़ी का रास्ता रोका और सदन के वेल में मारपीट की घटना होते होते रह गई। इस दौरान आगे की पंक्ति में बैठे भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज बेहद असहज दिखे।
केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने बेहद नाराज हो कर विधूड़ी को सदन से बाहर भेजने के लिए पार्टी के कुछ सांसदों को उनकी ओर भी भेजा। बाद में संसदीय कार्यमंत्री वैंकेया नायडू ने अपनी पार्टी के सदस्य के अमर्यादित आचरण के लिए जहां खेद जताया वहीं विधूड़ी से भी माफी मंगवाई।
'यहां क्यों बैठे हो पाकिस्तान जाओ'
लोकसभा में विधूड़ी ने अपनी हरकतों से खुद अपनी और सरकार की फजीहत करा दी। शून्यकाल के दौरान जब महाराष्ट्र सदन की घटना पर सदन में चर्चा हो रही थी, तभी अचानक विधूड़ी अपनी सीट से उठे और ओवैसी सहित कई सांसदों को पाकिस्तान जाने की नसीहत दी।
विधूड़ी ने हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों से कहा यहां क्यों बैठे हो, पाकिस्तान जाओ। इसके बाद विधूड़ी की पप्पू यादव और ओवैसी से कुछ कहासुनी हुई और विधूड़ी देखते ही देखते इन अपनी सीट छोड़ कर इन सांसदों की ओर लपके।
इसके जवाब में उक्त दोनों सांसद भी उत्तेजित हो कर विधूड़ी की ओर बढ़ने लगे। इन सांसदों के बीच महज कुछ कदमों की दूरी रह जाने के बीच ही आगे की पंक्ति में बैठे शिवसेना के अनंत कुमार ने विधूड़ी को रोक लिया। जबकि दूसरी ओर धर्मवीर गांधी, कीर्ति आजाद सहित कुछ सांसदों ने पप्पू और ओवैसी को रोका।
बार-बार हाथ छुड़ाकर सांसदों की ओर लपके
हालांकि इस दौरान विधूड़ी बार-बार हाथ छुड़ा कर इन सांसदों की ओर लपकते देखे गए। इसी बीच स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विपक्ष ने विधूड़ी को सदन से निलंबित करने की मांग की। नायडू ने विधूड़ी के आचरण पर खेद जताने के बाद विधूड़ी से भी माफी मंगवाने की बात कही।
इसके बाद विधूड़ी ने भी अपने आचरण के लिए माफी मांगी। इसी दौरान स्पीकर ने विधूड़ी की टिप्पणियों को कार्यवाही से बाहर निकालने का निर्देश दिया।