वारदात को अंजाम देने से पूर्व वह 12 से 15 सितंबर के बीच वह मथुरा के वृंदावन घूमने गया था। वहां से आने के बाद वह दो दिन दिल्ली में रुका बाद में मध्य प्रदेश के लिए रवाना हो गया। 21 सितंबर को वह वापस दिल्ली पहुंचा। यहां आने के बाद वह चोरी के लिए तैयारी में जुट गया। वारदात को अंजाम देकर 25 सितंबर को वह दिल्ली से छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो गया।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजेश देव ने बताया कि सीडीआर की पड़ताल से पता चला है कि नौ सितंबर सुबह 11.13 बजे लोकेश जंगपुरा इलाके में मौजूद था। इसके बाद अगले दिन 10 सितंबर को उसकी लोकेशन चांदनी चौक की मिली। यहां वह एक होटल में रुका।
यहां तीन दिन रुकने के बाद वह 12 सितंबर को वृंदावन के लिए निकल गया। इसके बाद 15 सितंबर को वह वापस दिल्ली पहुंचा। यहां वह 17 सितंबर तक रुका। बाद में 17 सितंबर को वह कश्मीरी गेट स्थित आईएसबीटी पहुंचा। यहां से उसने मध्य प्रदेश के लिए बस पकड़ी। 21 सितंबर शाम करीब साढ़े सात बजे मध्य प्रदेश से सराय काले खां बस अड्डा पहुंचा। रात करीब सवा नौ बजे वह जंगपुरा पहुंचा। इस बीच वह चोरी की तैयारी में जुट गया। बाद में वारदात को अंजाम देकर 25 सितंबर को वह निकल गया। पुलिस उससे पूछताछ कर वारदात की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।