विदेश में रह रही महिला का विश्वास जीत किया फर्जीवाड़ा
आरोपी लंबे समय से पीड़िता के बैंक खातों की कर रहा था देखरेख
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने परिचित महिला से निवेश के नाम पर 12 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले मुख्य बैंक प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वरुण वशिष्ठ (38) द्वारका का रहने वाला है। वह विकास पुरी स्थित आइसीआइसीआइ बैंक में मुख्य प्रबंधक के पद पर तैनात था। फर्जीवाड़े में बैंक के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के शामिल होने का शक है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस आरोपी के पास से 40 से ज्यादा बैंक खाते,एक हुंडई वर्ना कार, 10 से ज्यादा डेबिट,क्रेडिट और वेल्थ मैनेजमेंट कार्ड,फर्जी एफडी के 12 दस्तावेज लैपटाप आदि बरामद किया गया है।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि आइसीआइसीआइ बैंक की विकासपुरी शाखा के प्रबंधक वरुण वशिष्ठ समेत अन्य अधिकारी कर्मचारियों ने अच्छे रिटर्न देने के बहाने धोखाधडी से उससे और पति से लगभग 12 करोड़ रुपये ठग लिए और पूरा पैसा हड़प लिया। पीड़ित द्वारा 2019 से 2023 के दौरान आइसीआइसीआइ के दो खातों में 13.5 करोड़ का निवेश किया। जनवरी 2024 तक संभवत यह 16 करोड़ से ज्यादा होता। आरोपी ने अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से पहले ही खातों से पैसे निकाल लिए गए। आरोपी ने 12 फर्जी सावधि जमा खाते बनाए और उनके पैसे का दुरुपयोग किया। जनवरी 2024 को पीड़ता को पता चला कि उनके नाम पर कोई सावधि जमा नहीं है और लगभग 2.73 करोड़ उसके सावधि जमा खाते के विरुद्ध उसके नाम पर खोले गए फर्जी ओवरड्राफ्ट खाते में ऋण है।
40 बैंक खातों में भेजी गई रकम...
डीसीपी विक्रम पोरवाल ने बताया कि पीड़िता के खातों से 40 से ज्यादा खातों में पैसा भेजा गया। मुख्य प्रबंधक रहते हुए वरुण वशिष्ठ ने पीड़िता के बिना अनुमति के खाते से पैसे निकाल लिए। इसके लिए उसने पीड़िता के दस्तावेज हासिल किए और उनके फर्जी हस्ताक्षर भी किए। वह पीड़िता की चेक बुक और डेबिट कार्ड भी अपने पास रखता था।
बैंक संबंधी लेनदेन कई साल से देख रहा था आरोपी...
महिला अपने पति के साथ विदेश में रहती है। उसके बैंक संबंधित लेन देन आरोपी लंबे समय से देख रहा था। इससे पहले आरोपी इंडसइंड बैंक में उप शाखा प्रबंधक था, जहां पीड़िता का भी खाता था। वहां वह पीड़िता के खातों को देखता था, इस दौरान महिला पर उसने विश्वास जमा लिया। आरोपी 2017 में इंडसइंड बैंक छोड़ कर आइसीआइसीआइ बैंक में न्यू रेलवे रोड,गुरुग्राम शाखा में शाखा प्रबंधक के तौर पर ज्वाइन किया तो उसने वहां भी पीड़िता का खाता खुलवाया। इसके बाद वह विकासपुरी में मुख्य शाखा प्रबंधक के पद पर ज्वाइन किया। यहां उसने पीड़िता को निवेश के नाम पर पैसे लेकर कुल 13 एफडी खाते खोले,जिसमें से एक सहीं था उसमें उसने तीन करोड़ की एफडी कराई।