कुर्बानी का त्योहार ईद-उल-जुहा को लेकर राजधानी में जबरदस्त उत्साह है। बकरीद की नमाज आज अदा की जाएगी। पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद और अन्य मुस्लिम बहुल इलाकों में रविवार को जमकर खरीदारी की गई। इस त्योहार को लेकर बच्चों में खास उत्साह दिखा और वे बकरों के साथ खेलते नजर आए।
रविवार को सुबह से शाम तक मुस्लिम भाई पर्व की तैयारी में जुटे रहे। इस दौरान चांदनी चौक व सदर बाजार इलाकों में खास रौनक है। बाजार में भी खरीदारी अपने परवान पर है। लोगों अपने जानने वालों और रिश्तेदारों को घर पर आने की दावत दी। बकरीद की पूर्व संध्या पर एक दूसरे को बधाई देने का सिलसिला भी शुरू हो गया। वैसे ये पर्व तीन दिन तक मनाया जाता है।
दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद में इस त्योहार को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। सोमवार को दिल्ली के सभी मस्जिदों में नमाज पढ़ने के लिए मुस्लिम समुदाय के हजारों लोग एकत्र हो कर एकसाथ नमाज अदा करेंगे। मस्जिदों में इमाम नमाज के बाद तकरीर भी करेंगे। इस त्योहार पर नमाज के बाद लोग बकरे, भैंस, भेड़, ऊंट की कुर्बानी देते हैं।
बकरा बाजार में जमकर खरीदारी
बकरीद की पूर्व संध्या पर बकरों की खूब खरीदारी की गई। बकरा मंडी पहुंचकर लोगों ने कुर्बानी के लिए बोली लगाई। पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद और पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में बकरा बेचने वाले और खरीदारों का जमघट लगा रहा।
दिल्ली के बकरा बाजार में मुरादाबादी बकरा, अलीगढ़ का बकरा और काठमांडू के बकरा व्यापारी भी पहुंचे। वहीं मेवात के बकरों की भी डिमांड रही। बकरे की नस्ल पर भी खास तवज्जो दी जाती है।
सफेद जमुनापारी नस्ल के बकरे की मांग सबसे जदा रही। काले और भूरे बकरे इसकी तुलना में कम दाम में बिके। मोटे दुम यानी पूंछ वाले दुम्बा प्रजाति के बकरे की सबसे अधिक मांग रही। इसके साथ ही मेवाती बकरों का भी क्रेज देखने को मिला।
तीन हिस्से होते हैं
कुर्बानी बकरीद के त्योहार का एक अभिन्न हिस्सा है। बकरीद में कुर्बानी दिए गए बकरे का एक तिहाई हिस्सा गरीबों में बांटा जाता है, एक तिहाई दोस्तों को और बाकी हिस्से को अपने परिवार में खाने के लिए रखा जाता है।
चार हजार से एक लाख तक के बकरे
बकरा बाजार में बकरों के दाम चार हजार से एक लाख रुपये तक बिके। आम बकरा चार से 15 हजार के बीच बिका। वहीं, काफी तंदरुस्त व विशेष बकरों का बाजार भाव एक लाख रुपये तक रहा।