आम आदमी पार्टी असम में डिब्रूगढ़ और सोनीतपुर लोकसभा सीटें जीतेगी। यहां लोगों का प्यार और आशीर्वाद 'आप' को जरूर मिलेगा। सोनीतपुर और डिब्रूगढ़ सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार भाजपा को कड़ी टक्कर दे रहे है, इसलिए भाजपा डरी हुई है।भाजपा के डर की एक दूसरी वजह उनके झूठे वादे भी है। चाय श्रमिकों को 351 रुपये, आदिवासी समूहों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देना, श्रमिकों को माटीपट्टा देना, सारे वादे जुमले साबित हुए है। बुधवार को आप सरकार की मंत्री आतिशी ने सोनीतपुर, असम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बातें कहीं।
आतिशी ने कहा कि, 'असम के लोगों में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के लिए बहुत प्यार है। कौन सोच सकता था कि, दिल्ली में सरकार चलाने वाली एक पार्टी को गुवाहाटी के, तिनसुकिया के म्यूनिसिपल चुनावों में सीट मिलेगी? आम आदमी पार्टी को असम के लोगों का प्यार और आशीर्वाद पहले से मिलता आ रहा है और हमें उम्मीद है कि, इस बार असम में आम आदमी पार्टी सोनीतपुर और डिब्रूगढ़ की लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है उसमें भी यहां के लोगों का प्यार और आशीर्वाद आम आदमी पार्टी को जरूर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि असम में आज भाजपा का डर ये दिखा रहा है कि, आम आदमी पार्टी के सोनीतपुर और डिब्रूगढ़ के उम्मीदवार भाजपा को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। कल खुद गृहमंत्री अमित शाह जी तिनसुकिया में रोड शो करने आए और ऐसी खबर मिल रही है कि, यहां प्रचार करने मनोज तिवारी भी आयेंगे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी आयेंगे। असम की इन दो लोकसभा सीटों पर ऐसा क्या हो गया कि भाजपा के सारे बड़े-बड़े नेता यहां प्रचार करने आ रहे है। इसका सिर्फ एक कारण है कि आम आदमी पार्टी, भाजपा को कड़ी टक्कर दे रही है और अब भाजपा को भी डर लग रहा है कि वो इन दोनों सीटों पर आम आदमी पार्टी से हार जाएगी।
आतिशी बोलीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर भाजपा की सरकार बनती है तो असम में विदेश से आये लोगों को अपना बोरिया-बिस्तर बांधने के लिए तैयार रहना चाहिए, लेकिन 10 साल के बाद वही मोदी जी सीएए का कानून लेकर आते है और कहते है कि विदेश से आये लोगों को घर देंगे, नागरिकता देंगे, माटीपट्टा देंगे। असम में रहने वाले लोगों को तो माटीपट्टा नहीं मिलता लेकिन जो विदेश से आ रहे है उन्हें सीएए के तहत ये सब दिया जाएगा। उन्होंने कहा, असम के लोगों ने देख लिया है, भाजपा के जुमलों पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। इसलिए मुझे इस बात का पूरा भरोसा है कि लोकसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी का असम में खाता जरूर खुलेगा।